सीतामढ़ी में अंधविश्वास: स्कूल में चोरी पकड़ने के लिए बच्चों को खिलाया अक्षत, 28 बच्चे बीमार
बिहार के सीतामढ़ी जिले से अंधविश्वास और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के एक स्कूल में चोरी होने के बाद शिक्षक ने कथित तौर पर चोर को पकड़ने के लिए बच्चों को अक्षत (उबला हुआ चावल) खिलाया। यह कदम सुनने में भले ही विचित्र लगे, लेकिन इसके गंभीर परिणाम सामने आए।
जानकारी के अनुसार, जैसे ही बच्चों ने अक्षत खाया, 28 बच्चे अचानक बीमार हो गए। बच्चों की हालत बिगड़ते ही स्कूल में हड़कंप मच गया और शिक्षकों ने आनन-फानन में उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। बच्चों की शिकायतों में उल्टी, पेट दर्द और चक्कर जैसी समस्या सामने आई। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों की स्थिति गंभीर नहीं है, लेकिन उन्हें तत्काल चिकित्सीय देखभाल की आवश्यकता थी।
घटना के सामने आने के बाद स्कूल में इस शिक्षक के अंधविश्वासी कदम पर विरोध शुरू हो गया। अभिभावकों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ किया गया और किसी भी हालत में ऐसी अंधविश्वासी प्रथाओं को सहन नहीं किया जा सकता।
स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि यह घटना शिक्षा और आधुनिकता के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जाएगी और दोषी शिक्षक के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा विभाग ने भी स्कूल को नोटिस भेजते हुए घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंधविश्वास पर आधारित ऐसे कदम बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। शिक्षा संस्थानों में अंधविश्वास को बढ़ावा देना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों का उल्लंघन भी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना समाज में शिक्षा के महत्व और वैज्ञानिक सोच की अनदेखी को उजागर करती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में अधिक सक्रिय रहें और शिक्षकों को जवाबदेह बनाएं।
सीतामढ़ी जिले में यह घटना शिक्षा विभाग के लिए भी चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। अधिकारी बता रहे हैं कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्कूलों में नियमित निरीक्षण, शिक्षक प्रशिक्षण और बच्चों के प्रति जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
इस घटना ने जिले में अंधविश्वास और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मामले की चर्चा तेज हो गई है और लोग शिक्षकों और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
वहीं, बच्चों के स्वास्थ्य के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं और उनकी निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीतामढ़ी की यह घटना समाज और शिक्षा जगत दोनों के लिए सीख है कि अंधविश्वास और पुरानी रूढ़ियों के कारण बच्चों की जान पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसलिए स्कूलों में वैज्ञानिक सोच, सुरक्षा और आधुनिक शिक्षा प्रणाली को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।