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पटना में SIR और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ लोकभवन की ओर बढ़े

 

बिहार की राजधानी पटना में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन में छात्र गांधी मैदान से लोकभवन की ओर बढ़े। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग की, लेकिन छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अलग-अलग पोस्टर और नारों के जरिए चुनाव प्रक्रिया तथा सरकार पर निशाना साधा।

प्रदर्शनकारी अपने साथ कई तरह के पोस्टर लेकर पहुंचे थे। इन पोस्टरों में चुनाव आयोग, वोटर लिस्ट और कानूनों में बदलाव जैसे मुद्दों को उठाया गया। कुछ पोस्टरों पर तीखे नारे लिखे थे, जबकि कुछ में कार्टून और तस्वीरों के जरिए विरोध जताया गया।

जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़ आगे बढ़े छात्र

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों को लोकभवन की ओर जाने से रोकने के लिए जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग की थी। हालांकि, प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए। इसके बाद छात्र सड़क पर बैठ गए और करीब एक घंटे तक नारेबाजी करते रहे।

छात्रों की प्रमुख मांगों में एसआईआर को लेकर विरोध और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल रही। प्रदर्शन के दौरान चुनावी प्रक्रिया को लेकर असंतोष पोस्टरों और नारों के जरिए जाहिर किया गया।

पोस्टरों में आंसू गैस और पुलिस व्यवस्था पर सवाल

प्रदर्शनकारियों के पोस्टरों में आंसू गैस की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए। एक काले पोस्टर पर लिखा था, "टियर गैस की व्यवस्था नहीं है?" इसी संदेश को दूसरे पोस्टरों में भी तस्वीरों और नारों के माध्यम से दिखाया गया।

एक अन्य पोस्टर पर स्थानीय अंदाज में लिखा था, "तोहर कुर्सी उड़ा देब प्रोटेस्ट से।" इन नारों के जरिए प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध को तीखे अंदाज में सामने रखा।

'वोट चोर गद्दी छोड़' के नारे से जताया विरोध

प्रदर्शन के दौरान कुछ पोस्टरों में चाय की दुकान और देश चलाने से जुड़ी बातों पर तंज कसा गया। एक पोस्टर में रोती हुई बिल्ली की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था। वहीं, कुछ पोस्टरों पर दो नेताओं के कार्टून के साथ वोटर लिस्ट और कानून बदलने से जुड़े संदेश लिखे गए थे।

इन पोस्टरों के नीचे 'वोट चोर गद्दी छोड़' का नारा भी लिखा था। इससे प्रदर्शन के राजनीतिक तेवर स्पष्ट नजर आए।

पटना में हुए इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने एसआईआर और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराया। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन में नारेबाजी, पोस्टरबाजी और बैरिकेडिंग तोड़ने की घटना प्रमुख रही। प्रदर्शनकारियों की मांगों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों पर आगे की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।