एनओयू में पीजी रिजल्ट को लेकर छात्रों का हंगामा, कैंपस में तालाबंदी; VC के खिलाफ नारेबाजी, भूख हड़ताल की चेतावनी
नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी (NOU) में पीजी परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों का आक्रोश सामने आया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया और मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। छात्रों ने कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द रिजल्ट जारी करने की मांग की।
छात्रों का कहना है कि पीजी परीक्षा का परिणाम समय पर जारी नहीं होने के कारण उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। कई छात्र आगे की पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और नौकरी से जुड़ी प्रक्रियाओं में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं।
कैंपस में तालाबंदी कर किया प्रदर्शन
पीजी रिजल्ट में देरी से नाराज छात्र विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने कैंपस में तालाबंदी कर दी और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए।
छात्रों ने कहा कि परीक्षा पूरी होने के बाद काफी समय बीत चुका है, लेकिन परिणाम जारी नहीं किया गया। बार-बार मांग करने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
VC के खिलाफ जमकर नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया।
छात्रों ने मांग की कि पीजी का रिजल्ट जल्द जारी किया जाए और परीक्षा परिणाम से जुड़ी सभी समस्याओं को दूर किया जाए। उनका कहना है कि रिजल्ट में देरी के कारण छात्रों को दूसरे संस्थानों में आगे की प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी हो रही है।
भूख हड़ताल की चेतावनी
प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू करने की बात कही है।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह तक की चेतावनी दी, जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई। प्रशासन और विश्वविद्यालय अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे।
रिजल्ट जारी करने की मांग
छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि अपने शैक्षणिक भविष्य को लेकर है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द से जल्द पीजी रिजल्ट जारी करने और लंबित समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। छात्रों की मांगों और विश्वविद्यालय प्रशासन के रुख के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।