बिहार बंद के दौरान हिंसा पर सख्त कार्रवाई, सीवान में AK-47 से फायरिंग करने वाला जवान निलंबित, पटना में 139 उपद्रवी गिरफ्तार
बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़, आगजनी और फायरिंग की घटनाओं के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। सबसे बड़ी कार्रवाई सीवान में हुई, जहां AK-47 राइफल से गोली चलाने के आरोप में एक पुलिस जवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं राजधानी पटना में हिंसा और कानून व्यवस्था भंग करने के आरोप में 139 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
सीवान में जवान पर गिरी गाज
सीवान में बिहार बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया था। इसी दौरान एक पुलिस जवान द्वारा AK-47 से फायरिंग किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित जवान को निलंबित कर दिया। घटना की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि फायरिंग किन परिस्थितियों में की गई और क्या निर्धारित नियमों का पालन किया गया था।
पटना में 139 लोगों की गिरफ्तारी
राजधानी पटना में बिहार बंद के दौरान कई जगहों पर सड़क जाम, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरों और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर कार्रवाई करते हुए 139 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, हिंसा में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
कई जिलों में हिंसा और तनाव
बिहार बंद के दौरान राज्य के कई जिलों में प्रदर्शन उग्र हो गया। जगह-जगह सड़क और रेल मार्ग बाधित किए गए। कुछ स्थानों पर वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। पुलिस ने कई स्थानों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।
वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों से होगी पहचान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान सीसीटीवी कैमरों, सोशल मीडिया वीडियो और ड्रोन फुटेज के जरिए की जा रही है। जिन लोगों ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की, उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।
सरकार ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा, आगजनी और हथियारों के इस्तेमाल को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को दोषियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
कानून व्यवस्था बहाल करने पर प्रशासन का फोकस
फिलहाल राज्य के अधिकांश इलाकों में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त कर रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि हिंसा फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।