बरेली में सपा की अंदरूनी खींचतान जारी: कार्यालय का बोर्ड फाड़े जाने से बढ़ा तनाव
समाजवादी पार्टी (सपा) की जिला कार्यकारिणी भंग होने के बावजूद पार्टी में अंतर्कलह थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को बरेली के पटेल चौक के पास स्थित सपा कार्यालय के बोर्ड को किसी अज्ञात व्यक्ति ने फाड़ दिया, जिससे पार्टी के अंदरूनी विवाद और बढ़ गए हैं।
पड़ोसियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, फटे बोर्ड पर निवर्तमान जिलाध्यक्ष का नाम लिखा था। बोर्ड फाड़े जाने के बाद पार्टी ने तत्काल कदम उठाते हुए उसकी जगह नया फ्लैक्स बोर्ड लगा दिया। हालांकि, सोशल मीडिया पर फटे बोर्ड की तस्वीर तेजी से वायरल हो गई, जिसने सपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच अंदरूनी खींचतान को और बढ़ा दिया।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि कार्यकारिणी भंग होने के बाद से ही जिले में कई पदाधिकारियों और समर्थकों के बीच मतभेद बढ़ गए हैं। नए बोर्ड के लगने के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर ने स्थानीय नेताओं और समर्थकों में असंतोष और तनाव बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पार्टी के अंदरूनी विवाद और विरोधाभास आम जनता में भी पार्टी की छवि को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, बरेली के राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि जिले में सपा का संगठनिक ढांचा फिलहाल कमजोर दिखाई दे रहा है, और इस तरह की घटनाएं भविष्य में पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर भी असर डाल सकती हैं।
स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि बोर्ड फाड़े जाने की घटना केवल बाहरी तत्वों द्वारा की गई तोड़-फोड़ नहीं हो सकती। इसके पीछे संगठन के अंदर चल रहे मतभेद और सत्ता संघर्ष का भी हाथ हो सकता है। पिछले कुछ महीनों से जिले में पदाधिकारियों और समर्थकों के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, और इस घटना ने उस तनाव को सार्वजनिक रूप से उजागर कर दिया है।
पार्टी की जिला इकाई ने मामले में फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि विवाद सुलझाने और संगठन को मजबूत करने के लिए बैठकें आयोजित की जाएंगी। वहीं, सोशल मीडिया पर फटे बोर्ड की तस्वीर ने समर्थकों में गहन चर्चा और टिप्पणियों का सिलसिला शुरू कर दिया है।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि राजनीतिक दलों में इस तरह के विवाद असामान्य नहीं हैं, लेकिन खुले तौर पर कार्यालय और बोर्ड को निशाना बनाना संगठन की छवि के लिए नुकसानदेह हो सकता है। उन्होंने सुझाव दिया है कि विवाद को सुलझाने के लिए पार्टी नेतृत्व को जल्द प्रभावी कदम उठाने होंगे, ताकि基层 स्तर पर कार्यकर्ताओं का भरोसा बना रहे।
इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि बरेली में सपा की जिला इकाई फिलहाल संगठनिक स्थिरता और अनुशासन के मामले में चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कर रही है। नए बोर्ड के लगने के बावजूद विवाद और अंतर्कलह कम नहीं हुए हैं, और पार्टी पदाधिकारियों के बीच मतभेद भविष्य में और बढ़ सकते हैं।
इस तरह, पटेल चौक पर सपा कार्यालय के बोर्ड को फाड़े जाने की घटना ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है और पार्टी की अंदरूनी खींचतान को सार्वजनिक रूप से उजागर कर दिया है। आने वाले दिनों में पार्टी की बैठकें और रणनीतियाँ यह तय करेंगी कि बरेली में सपा संगठन को फिर से एकजुट किया जा सकेगा या नहीं।