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पूर्व IPS काम्या मिश्रा की सियासत में एंट्री की अटकलें तेज, JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से की मुलाकात

 

बिहार की राजनीति में एक पूर्व आईपीएस अधिकारी के संभावित राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आईपीएस की नौकरी छोड़ चुकीं काम्या मिश्रा ने शुक्रवार को जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा से मुलाकात की। पटना में हुई इस मुलाकात के बाद उनके राजनीति में आने और जेडीयू के साथ नई पारी शुरू करने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, अभी तक काम्या मिश्रा या जेडीयू की ओर से उनके पार्टी में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।काम्या मिश्रा मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली हैं और बिहार कैडर की 2019 बैच की आईपीएस अधिकारी रह चुकी हैं। उन्होंने शुक्रवार को पटना स्थित संजय झा के सरकारी आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। दोनों ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा कीं।

संजय झा ने बताया शिष्टाचार मुलाकात

संजय झा ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए बताया कि पूर्व दरभंगा ग्रामीण एसपी काम्या मिश्रा ने उनसे शिष्टाचार मुलाकात की और दिवाली की शुभकामनाएं दीं। वहीं, काम्या मिश्रा ने भी मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए बिहार को राष्ट्रीय मुख्यधारा में मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में संजय झा के प्रयासों को प्रेरणादायी बताया।हालांकि, मुलाकात को दोनों पक्षों की ओर से शिष्टाचार भेंट बताया गया है, लेकिन काम्या मिश्रा की प्रशासनिक पृष्ठभूमि और पहले दिए गए राजनीतिक बयानों के कारण इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

22 साल की उम्र में पास की थी UPSC परीक्षा

काम्या मिश्रा ने महज 22 साल की उम्र में पहले प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। उन्हें परीक्षा में 172वीं रैंक मिली थी। वर्ष 2019 बैच की आईपीएस अधिकारी के रूप में उन्होंने पुलिस सेवा में अपनी पहचान बनाई।बिहार में दरभंगा की ग्रामीण एसपी रहते हुए वह काफी चर्चा में आई थीं। पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की हत्या के मामले की जांच और खुलासे में उनकी भूमिका को लेकर भी उनकी चर्चा हुई थी। तेजतर्रार कार्यशैली के कारण उन्हें 'लेडी सिंघम' के नाम से भी जाना गया।

अगस्त 2024 में दिया था इस्तीफा

काम्या मिश्रा ने अगस्त 2024 में आईपीएस सेवा से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उनका इस्तीफा मार्च 2025 में स्वीकार किया गया। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने अपने पिता के कारोबार की जिम्मेदारी संभाली और जीएम आयरन एंड स्टील कंपनी में निदेशक के रूप में काम कर रही हैं।उनके पति अवधेश दीक्षित भी 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और फिलहाल बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हैं।

पहले भी राजनीति में आने के दिए थे संकेत

काम्या मिश्रा इससे पहले भी राजनीति में आने की संभावनाओं को लेकर बयान दे चुकी हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि समाज में नीतिगत स्तर पर बदलाव लाने के लिए राजनीति एक महत्वपूर्ण माध्यम हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा था कि अच्छे और पढ़े-लिखे लोगों को राजनीति में आगे आना चाहिए।अब संजय झा के साथ उनकी मुलाकात के बाद बिहार में उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, जेडीयू में शामिल होने या चुनाव लड़ने को लेकर फिलहाल कोई औपचारिक फैसला सामने नहीं आया है। इसलिए उनकी राजनीतिक एंट्री को अभी अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।