सिपाही भर्ती परीक्षा में सॉल्वर गिरोह गिरफ्तार, 10 लाख में नौकरी देने का था वादा
बिहार में सिपाही भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान एक बड़े सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पटना पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 45 अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड की तस्वीरें, चैट रिकॉर्ड और लेनदेन का विस्तृत ब्योरा भी बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अभ्यर्थियों से 10 लाख रुपये तक वसूलकर उन्हें पुलिस नौकरी दिलाने का झूठा वादा करता था। गिरोह के सदस्य बायोमेट्रिक जांच से बचने के लिए कोलकाता से नकली फिंगरप्रिंट बनवाते थे। यह योजना बेहद संगठित और सावधानीपूर्वक बनाई गई थी, ताकि परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को नौकरी दिलाई जा सके।
इस मामले में पुलिस ने दो अभ्यर्थियों को भी गिरफ्तार किया है, जो गिरोह के साथ मिलकर इस धोखाधड़ी में शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि अभी जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि और कितने अभ्यर्थियों ने इस गिरोह से संपर्क किया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अभ्यर्थियों से संपर्क करते थे। आरोपियों के कब्जे से मिली चैट और लेनदेन के रिकॉर्ड ने पुलिस को गिरोह की पूरी कार्यप्रणाली उजागर करने में मदद की।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की गैरकानूनी मदद या सॉल्वर गिरोह से संपर्क करना गंभीर अपराध है। उन्होंने अभ्यर्थियों और उनके परिवारों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से ही परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस की यह कार्रवाई भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने और अभ्यर्थियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बिहार में पुलिस भर्ती परीक्षा में कई बार सॉल्वर गिरोह सक्रिय पाए गए हैं, लेकिन पटना पुलिस की यह कार्रवाई इस बार विशेष रूप से बड़ी सफलता मानी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार गिरोह के सदस्यों से और पूछताछ की जा रही है। उनका लक्ष्य पूरे गिरोह के नेटवर्क का खुलासा करना है। इसके अलावा, पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं अन्य शहरों में भी इसी तरह की योजना तो नहीं बनाई जा रही थी।
पटना पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल भर्ती प्रक्रिया में धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि यह अभ्यर्थियों के बीच जागरूकता भी बढ़ाएगी। विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसे गिरोह का पकड़ना और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना न्यायपालिका और कानून की शक्ति को दिखाता है।
इस तरह की कार्रवाई यह संदेश देती है कि सरकारी भर्ती में किसी भी तरह की धोखाधड़ी, चाहे वह कितनी भी योजनाबद्ध क्यों न हो, बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस ने कहा कि आगे की जांच में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।