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पटना में अब सोलर बेस्ड स्ट्रीट लाइट ही लगेगी, बिजली की खपत घटेगी; खराब लाइटों की समस्या से भी मिलेगी राहत

 

पटना की सड़कों को रोशन करने के लिए अब नई स्ट्रीट लाइटें सोलर बेस्ड लगाई जाएंगी। राजधानी में स्ट्रीट लाइटों के बार-बार खराब रहने और इनके संचालन में होने वाली भारी बिजली खपत की समस्या को देखते हुए सरकार ने स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में नीतिगत बदलाव का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत लगाई जाने वाली स्ट्रीट लाइट में सोलर प्लेट, बैटरी और लाइट यूनिट इनबिल्ट होगी। इससे अलग-अलग उपकरण लगाने की जरूरत कम होगी और इनके संचालन तथा रखरखाव में भी आसानी होगी।

सोलर प्लेट और बैटरी होगी इनबिल्ट

नई सोलर स्ट्रीट लाइटें पारंपरिक बिजली आधारित लाइटों से अलग होंगी। इनमें सोलर प्लेट के साथ बैटरी और लाइट सिस्टम एक ही यूनिट में उपलब्ध होगा। दिन के समय सोलर प्लेट से ऊर्जा प्राप्त कर बैटरी में स्टोर की जाएगी और रात में इसी ऊर्जा से सड़कें रोशन होंगी।

इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्ट्रीट लाइटों के लिए अलग से बिजली कनेक्शन और लंबी वायरिंग पर निर्भरता कम होगी। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी सोलर लाइटें बैटरी में संग्रहित ऊर्जा के आधार पर काम कर सकेंगी।

रखरखाव में होगी आसानी

राजधानी में बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें खराब रहने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई जगह लाइट खराब होने के बाद लंबे समय तक उसकी मरम्मत नहीं हो पाती। इससे रात के समय सड़कों और गलियों में अंधेरा रहता है।

सरकार की नई नीति का उद्देश्य ऐसी समस्याओं को कम करना है। इनबिल्ट सिस्टम होने के कारण लाइट के विभिन्न हिस्सों के बीच कनेक्शन और वायरिंग कम होगी। इससे खराबी की पहचान और मरम्मत की प्रक्रिया को भी आसान बनाने में मदद मिल सकती है।

बिजली बिल पर भी पड़ेगा असर

सोलर आधारित स्ट्रीट लाइट लगाए जाने से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होगी। इससे स्ट्रीट लाइट संचालन में होने वाली बिजली खपत को घटाने में मदद मिलेगी। लंबे समय में इससे सरकारी निकायों पर बिजली खर्च का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।

राजधानी में लगातार बढ़ती सड़कों और शहरी विस्तार के साथ स्ट्रीट लाइटों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में बिजली आधारित व्यवस्था के बजाय सौर ऊर्जा का इस्तेमाल सरकार के लिए ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण, दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई लाइट लगाने में बदलेगी व्यवस्था

अब पटना में जब भी नई स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी, सोलर बेस्ड सिस्टम को प्राथमिकता दी जाएगी। यानी भविष्य में नई सड़क परियोजनाओं और स्ट्रीट लाइट विस्तार योजनाओं में पारंपरिक बिजली वाली लाइटों के स्थान पर सौर ऊर्जा से संचालित लाइटों का इस्तेमाल बढ़ेगा।

सरकार को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद पटना की सड़कों पर रोशनी की उपलब्धता बेहतर होगी, बिजली की खपत घटेगी और स्ट्रीट लाइटों के संचालन एवं रखरखाव पर होने वाला खर्च भी नियंत्रित किया जा सकेगा।