श्रावणी मेला 2026 का आगाज: सुल्तानगंज में उमड़ा आस्था का सैलाब, 1 लाख से ज्यादा कांवरियों ने भरा गंगाजल
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की शुरुआत गुरुवार (30 जुलाई 2026) से हो गई है। मेले के पहले ही दिन बिहार के सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम घाट पर शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देशभर से पहुंचे कांवरियों ने उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान कर पवित्र जल भरा और भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए देवघर की यात्रा शुरू कर दी। मेला शुरू होते ही सुल्तानगंज का पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंज उठा। प्रशासन की ओर से भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
पहले दिन ही पहुंचे 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालु
जानकारी के अनुसार, श्रावणी मेले के पहले दिन अब तक 1 लाख से अधिक शिवभक्त अजगैबीनाथ धाम घाट पहुंच चुके हैं। श्रद्धालुओं ने उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और कांवर में पवित्र जल भरकर करीब 100 किलोमीटर से ज्यादा लंबी पैदल यात्रा के लिए देवघर की ओर प्रस्थान किया।कांवरिए गंगा जल लेकर झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करेंगे। सावन महीने में हर साल लाखों श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा में शामिल होते हैं।
घाट पर सुरक्षा और सुविधा के इंतजाम
श्रावणी मेले को देखते हुए प्रशासन ने सुल्तानगंज में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। घाटों पर पुलिस बल, गोताखोरों और आपदा प्रबंधन टीमों की तैनाती की गई है।श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सुविधा और विश्राम स्थलों की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उन्हें यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बोल बम के जयकारों से गूंजा सुल्तानगंज
सुबह से ही कांवरियों की लंबी कतारें अजगैबीनाथ घाट पर दिखाई दीं। भगवा वस्त्र पहने श्रद्धालु हाथों में कांवर लिए भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आए।कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे हर साल सावन में बाबा बैद्यनाथ को जल चढ़ाने के लिए यात्रा करते हैं। उनके लिए यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक है।
पूरे सावन जारी रहेगा आस्था का यह पर्व
श्रावणी मेला पूरे सावन महीने तक चलेगा। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचकर गंगाजल भरेंगे और देवघर की ओर रवाना होंगे।प्रशासन को उम्मीद है कि इस साल भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेले में शामिल होंगे। इसके लिए लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है।