मधेपुरा में दर्दनाक ऑनर किलिंग: 20 वर्षीय अलका कुमारी की हत्या, नवजात बच्ची को NH‑106 पुल के नीचे फेंका गया
बिहार के मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र में एक बेहद भयावह और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें 20 वर्षीय अलका कुमारी नामक युवती की अपने ही पिता और चाचा द्वारा कथित रूप से हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है। यह मामला पारिवारिक मान‑सम्मान (ऑनर) के नाम पर होने वाली हत्याओं के रूप में दर्ज किया जा रहा है।
हत्या का खुलासा और घटना का पूरा सच
पुलिस की जांच में यह सामने आया कि अलका कुमारी का प्यार‑प्रेम का संबंध इसी गांव के एक युवक ऋषु कुमार (25 वर्ष) से था, जिसे लेकर उसके परिवार में लगातार विवाद चल रहा था। अलका जून 2025 में गर्भवती हुई थी और उसने यह बात ऋषु को भी बताई थी। हालांकि ऋषु ने गर्भपात के लिए दबाव डाला, लेकिन अलका ने इसे मना कर दिया था।
उसके बाद कुछ समय के लिए दोनों एक‑दूसरे से बात करना बंद कर दिए, लेकिन जब अलका के परिवार को उसकी गर्भावस्था के बारे में पता चला, तो उसके पिता अवदेश भारती और चाचा तपेश भारती ने हत्या की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, अलका की माँ अपनी बेटी के साथ थी और उसने इस योजना का विरोध भी किया, लेकिन पिता और चाचा ने 13 फरवरी 2026 को अलका को अस्पताल से बाहर निकालकर हत्या कर दी। इसके बाद उन्होंने उसके शव को नौगछिया (भागलपुर) में गाड़ी से ले जाकर फेंक दिया।
नवजात बच्चे की हत्या और उसके अंतिम अंश
जिस दिन अलका ने अस्पताल में बेटी को जन्म दिया, उस समय उसकी माँ उसके साथ थी। अलका के पिता और चाचा ने बहाना बनाया कि वे उसे दूसरे अस्पताल ले जा रहे हैं, लेकिन असल में उसे मार डाला गया। वहीं, अलका के प्रेमी ऋषु ने नवजात बच्ची को भी गला घोंटकर मार दिया और शव को एनएच‑106 के पुल के नीचे फेंक दिया। इस बात का खुलासा ऋषु के गिरफ्तार होने के बाद हुआ, जब उसने पुलिस को बताया कि परिवारवालों ने अलका की हत्या की थी और उस बच्चे को भी उसने मृत रूप से फेंक दिया था।
गिरफ्तारियाँ और साक्ष्य
पुलिस ने ऋषु को 20 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया, जिसके बाद उसने अपने बयान में इन तथ्यों का खुलासा किया। इसके बाद अलका के पिता अवदेश भारती और चाचा तपेश भारती को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने घटना में प्रयोग हुआ वाहन, मोबाइल फ़ोन और बच्ची को रखने वाला थैला जैसे साक्ष्य बरामद किए हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
एसडीपीओ और विशेष जांच टीम इस मामले की पूर्ण जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ पारिवारिक विवाद नहीं बल्कि ऑनर किलिंग (मान‑सम्मान हत्या) से जुड़ा गंभीर अपराध है, जिस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों को धारा नौ साल से अधिक की क़ानूनी सजाओं वाले अपराधों के तहत गिरफ्तार किया गया है और अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सामाजिक तौर पर चर्चा और चिंता
इस मामले ने पूरे इलाके में एक बार फिर से सामाजिक मान‑सम्मान के नाम पर होने वाली हत्याओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों से परिवारों के बीच व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मानवाधिकारों का हनन होता है और इसके लिए समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृति रोकी जा सके।