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बेतिया में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना: महिला का शव फेंकते पकड़े गए दो आरोपी

 

बिहार के बेतिया अंतर्गत नरकटियागंज के शिकारपुर थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। हड़बोड़ा नदी के तट पर एक महिला का शव फेंकने की कोशिश करते हुए दो व्यक्तियों को ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। इस मामले ने इलाके में हड़कंप मचा दिया और लोगों में गहरा रोष फैला है।

घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने तुरंत शिकारपुर थाना पुलिस को दी। पुलिस के मौके पर पहुंचते ही दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान जो खुलासा हुआ, उसने सभी को स्तब्ध कर दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों में एक रिक्शा चालक भी शामिल है, जो महिला के शव को नदी में फेंकने की योजना बना रहा था।

ग्रामीणों ने बताया कि दोनों आरोपी हड़बोड़ा नदी के किनारे संदिग्ध हरकत कर रहे थे। उन्होंने देखा कि आरोपी महिला के शव को लेकर नदी में फेंकने की कोशिश कर रहे थे। इसकी सूचना तुरंत पुलिस तक पहुंचाई गई। ग्रामीणों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण महिला के शव को नदी में फेंकने से पहले ही दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया।

शिकारपुर थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों से लंबी पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को कुछ ऐसे तथ्य मिले हैं, जिनसे मामला और भी गंभीर नजर आ रहा है। हालांकि पुलिस ने फिलहाल मामले के संदिग्ध पहलुओं को सार्वजनिक नहीं किया है, ताकि जांच में कोई बाधा न आए।

पुलिस अधीक्षक का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ मानवता को शर्मसार करने वाले गंभीर अपराध की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे और महिला की हत्या के पीछे क्या उद्देश्य था।

स्थानीय लोगों ने इस घटना को लेकर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते हैं और ऐसे घटनाओं से समाज में भय का माहौल बनता है। ग्रामीणों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अगर उनकी सतर्कता नहीं होती तो महिला का शव नदी में फेंक दिया जाता और अपराध छुप जाता।

इस मामले ने बिहार में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में स्थानीय जागरूकता और पुलिस की तत्परता ही अपराधों को रोकने का सबसे बड़ा हथियार है।

फिलहाल, शिकारपुर पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर महिला की पहचान और हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पोस्टमार्टम और अन्य फोरेंसिक जांच के बाद ही पूरी तस्वीर सामने आएगी।

कुल मिलाकर, बेतिया के शिकारपुर में हुई यह घटना न केवल मानवता को शर्मसार करती है, बल्कि यह याद दिलाती है कि समाज और प्रशासन दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है। ग्रामीणों की सूझ-बूझ और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने बड़ी त्रासदी को टाल दिया, लेकिन सवाल अब भी बना हुआ है कि ऐसे अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।