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गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने में गंभीर लापरवाही, प्रशासन पर सवाल

 

जिले के मशरख नगर पंचायत में 26 जनवरी को आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह उस समय विवादों में घिर गया, जब राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई। प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद ध्वजारोहण विधिवत रूप से नहीं हो सका, जिससे स्थानीय लोगों और उपस्थित नागरिकों में असंतोष की स्थिति पैदा हो गई।

स्थानीय सूत्रों ने बताया कि समारोह के लिए प्रशासनिक तैयारी पहले से की गई थी। पुलिस बल, नगर पंचायत के अधिकारी और कार्यक्रम समिति के सदस्य समारोह स्थल पर उपस्थित थे। बावजूद इसके, ध्वजारोहण के समय समुचित प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। इस घटना ने समारोह की गरिमा को प्रभावित किया और कई लोगों ने इसे प्रशासनिक चूक बताया।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस लापरवाही से युवा और बच्चों में निराशा देखने को मिली, जो उत्साहपूर्वक ध्वजारोहण देखने के लिए आए थे। कई लोगों ने कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर ध्वज फहराना एक सांकेतिक और गर्व का क्षण होता है, जिसे विधिवत रूप से निभाया जाना चाहिए।

नगर पंचायत और प्रशासन ने इस घटना की गंभीरता को स्वीकार किया है। अधिकारीयों ने कहा कि आगामी दिनों में इस मामले की समीक्षा और जांच की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि दोषी कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय पर्वों पर आयोजित कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल का पालन अत्यंत आवश्यक है। ध्वजारोहण में किसी भी प्रकार की चूक या लापरवाही समाज और युवाओं के बीच निराशा और आलोचना पैदा कर सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे आयोजनों में आयोजकों और प्रशासन को पहले से अभ्यास और तैयारी करनी चाहिए, ताकि किसी भी परिस्थिति में सम्मानपूर्वक कार्यक्रम संपन्न हो सके।

मशरख नगर पंचायत के अध्यक्ष ने मीडिया से कहा कि यह घटना अनजाने में हुई और उन्होंने सभी नागरिकों और उपस्थित लोगों से माफी मांगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगली बार इस तरह की चूक नहीं होने पाएगी और सभी आयोजन राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किए जाएंगे।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर आयोजन की गुणवत्ता और विधिवत संचालन सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि केवल पुलिस और सुरक्षा बल की मौजूदगी ही पर्याप्त नहीं है; आयोजन समिति को भी पूरी तैयारी और जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए।

इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय पर्वों की गरिमा बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का कर्तव्य है। मशरख नगर पंचायत की यह लापरवाही एक चेतावनी के रूप में सामने आई है कि आयोजन की विधिवत रूप से योजना और क्रियान्वयन कितना आवश्यक है।

इस प्रकार, मशरख में गणतंत्र दिवस समारोह में हुई ध्वजारोहण की चूक न केवल प्रशासन की लापरवाही उजागर करती है, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता और तैयारी की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।