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भागलपुर में 16 प्रखंडों के लिए मॉडल स्कूलों का चयन, नया सत्र 1 अप्रैल से शुरू

 

भागलपुर जिले में शिक्षा विभाग ने जिले के 16 प्रखंडों के लिए मॉडल स्कूलों का चयन कर लिया है। शिक्षा विभाग का उद्देश्य इन स्कूलों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और समग्र विकास का केंद्र बनाना है। नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से प्रारंभ होगा और इसके साथ ही इन स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

शिक्षा विभाग ने बताया कि मॉडल स्कूलों में योग्य और अनुभवी शिक्षकों को नियुक्त किया जाएगा। शिक्षकों के चयन में विशेष ध्यान उनकी शैक्षणिक दक्षता, अनुभव और योग्यता पर दिया गया है। इसके अंतर्गत BPSC चयनित शिक्षक, दक्षता परीक्षा उत्तीर्ण शिक्षक और सेवानिवृत्त शिक्षक शामिल होंगे। इसका उद्देश्य है कि विद्यार्थियों को अनुभवी और प्रशिक्षित शिक्षकों से पढ़ाई का लाभ मिले।

मॉडल स्कूलों में शिक्षण के अलावा विद्यार्थियों के सांस्कृतिक, खेलकूद और तकनीकी विकास पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। स्कूलों में डिजिटल शिक्षा, विज्ञान प्रयोगशालाएं और पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि विद्यार्थियों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि इन मॉडल स्कूलों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नई मिसाल स्थापित की जाएगी। उन्होंने बताया कि योग्य शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी गई है और सभी शिक्षक नियमानुसार नियुक्त किए जाएंगे।

स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि मॉडल स्कूलों से शिक्षा स्तर में सुधार होगा और बच्चों को बेहतर भविष्य की तैयारी में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि अनुभवी और प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति से शिक्षण गुणवत्ता में निश्चित रूप से बढ़ोतरी होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि मॉडल स्कूलों की स्थापना से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि छात्रों में नवाचार, समस्या समाधान और नेतृत्व कौशल भी विकसित होगा। इस पहल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिक्षा का संतुलित विकास संभव होगा।

मॉडल स्कूलों के चयन में प्रशासन ने भौगोलिक स्थिति, छात्र संख्या और आवश्यक संसाधनों का विशेष ध्यान रखा। विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी स्कूलों में समान शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध हों।

इस प्रकार, भागलपुर जिले में 16 प्रखंडों के लिए मॉडल स्कूलों की स्थापना और शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया ने शिक्षा क्षेत्र में नए मानक और दिशा-निर्देश स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। 1 अप्रैल से शुरू होने वाला नया शैक्षणिक सत्र विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए नई उम्मीद और उत्साह लेकर आएगा।

शिक्षा विभाग ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य है प्रतिभाशाली और योग्य छात्र तैयार करना, जो भविष्य में समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान कर सकें।