सरकारी टेंडर में कथित भ्रष्टाचार मामला: संजीव हंस और तारिणी ने दाखिल की जमानत याचिका, रिशु को रिमांड पर लेगी एसवीयू
सरकारी टेंडरों में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े चर्चित मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। मामले में आरोपी बनाए गए पूर्व आईएएस अधिकारी संजीव हंस और कारोबारी तारिणी ने अदालत में जमानत याचिका दाखिल की है। वहीं, मामले के एक अन्य आरोपी रिशु को पूछताछ के लिए विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, संजीव हंस और तारिणी की ओर से दाखिल जमानत याचिका में अदालत से राहत देने की मांग की गई है। दोनों पक्षों ने अपने-अपने कानूनी तर्क अदालत के समक्ष रखे हैं। अब इस पर सुनवाई के बाद न्यायालय फैसला करेगा।
दूसरी ओर, जांच एजेंसी एसवीयू का मानना है कि मामले की तह तक पहुंचने और कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए आरोपी रिशु से विस्तृत पूछताछ आवश्यक है। इसी उद्देश्य से उसे रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जांच एजेंसियां इस मामले में सरकारी टेंडरों के आवंटन, ठेका प्रक्रिया और कथित आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच जारी है और विभिन्न पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, एसवीयू को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों, वित्तीय लेनदेन और कथित अनियमितताओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। जांच एजेंसी पहले से जुटाए गए साक्ष्यों का भी विश्लेषण कर रही है।
गौरतलब है कि सरकारी टेंडरों में भ्रष्टाचार के इस मामले ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा बटोरी है। जांच शुरू होने के बाद से कई दस्तावेजों और लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। मामले में आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल अदालत में जमानत याचिकाओं पर सुनवाई और एसवीयू की रिमांड प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।