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SIR पर सम्राट चौधरी का विपक्ष पर पलटवार, बोले- पात्र मतदाता का नाम नहीं काटा गया; दावे-आपत्ति की पूरी प्रक्रिया रही

 

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी बहस जारी है। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि SIR के दौरान किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं काटा गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत और पारदर्शी तरीके से पूरी की गई।

सम्राट चौधरी ने रविवार को मुख्यमंत्री सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान लोगों को अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का पूरा अवसर दिया गया था। उन्होंने विपक्ष पर SIR को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

दावे और आपत्ति के लिए मिला मौका

मुख्यमंत्री के मुताबिक, SIR की प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के सत्यापन का काम किया गया और इसके बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया। उनका कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया गया।सम्राट चौधरी ने विपक्ष से यह भी सवाल किया कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गल तरीके से काटे जाने का दावा किया जा रहा है तो ऐसे व्यक्ति को सामने लाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष अब तक ऐसा कोई स्पष्ट उदाहरण सामने नहीं ला पाया है, जिसके आधार पर यह साबित हो कि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया।

SIR को लेकर जारी है राजनीतिक बहस

बिहार में SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार बयानबाजी हो रही है। विपक्ष की ओर से मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं, जबकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन आरोपों को खारिज किया है।सम्राट चौधरी ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका उद्देश्य सूची को अद्यतन करना है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को अपने नाम या पात्रता को लेकर आपत्ति है, वे उपलब्ध कानूनी और निर्वाचन प्रक्रिया के तहत अपनी बात रख सकते हैं।