बिहार पुलिस में वेतन निकासी की गड़बड़ी, जांच के घेरे में रिकॉर्ड
बिहार में सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान की व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पुलिसकर्मियों के वेतन और भत्तों के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। सिपाही से लेकर पुलिस अधिकारियों तक के भुगतान विवरण का मिलान किया जाना है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं एक ही कर्मचारी के नाम पर अलग-अलग जगहों से वेतन तो जारी नहीं हुआ।
बताया गया है कि पटना, गया और मुजफ्फरपुर में वेतन भुगतान की विसंगतियों को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, इन तीनों जिलों में दो से तीन गुना वेतन निकासी और दर्जनों पुलिसकर्मियों द्वारा एक साथ कई जिलों से महीनों तक वेतन लेने के दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है।
ई-एचआरएमएस पोर्टल के रिकॉर्ड की जांच
सरकारी कर्मचारियों के वेतन और भत्तों का भुगतान ई-एचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। पटना जिले में पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों की जांच के दौरान भुगतान संबंधी विसंगतियां मिलने की रिपोर्ट है। इसके बाद अधिकारियों को वेतन भुगतान से पहले रिकॉर्ड का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि वेतन बनाने, जांचने और मंजूरी देने की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन हुआ या नहीं। यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
अक्टूबर के वेतन पर भी असर
रिपोर्टों के मुताबिक, वेतन रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद ही अक्टूबर का वेतन और भत्ता जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इस कदम का उद्देश्य भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता लाना और गलत निकासी की आशंका को दूर करना है।
फिलहाल, यह स्पष्ट होना बाकी है कि जांच में कितने पुलिसकर्मियों के वेतन रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिली है और कथित अतिरिक्त भुगतान की कुल राशि कितनी है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होंगे।