पटना जू पर 9.88 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया, DM-प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय भी बकायेदार
पटना में नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स वसूली को लेकर बड़ी कार्रवाई शुरू की है। जांच और असेसमेंट के दौरान सामने आया है कि पटना जू पर करीब 9.88 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। खास बात यह है कि जिलाधिकारी (DM) कार्यालय और प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय भी प्रॉपर्टी टैक्स के बकायेदारों की सूची में शामिल हैं।
नगर निगम की ओर से संपत्तियों के टैक्स असेसमेंट और बकाया राशि की जांच का अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में एक दिन में रिकॉर्ड 193 संपत्तियों का प्रॉपर्टी टैक्स असेसमेंट किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाना और लंबे समय से लंबित बकाया की वसूली करना है।
पटना जू पर करोड़ों रुपये का टैक्स बकाया सामने आने के बाद नगर निगम के स्तर पर भी इसे महत्वपूर्ण मामला माना जा रहा है। निगम की ओर से बकाया राशि की वसूली के लिए संबंधित विभागों और संस्थानों से संपर्क किया जा सकता है।
इसके अलावा जिलाधिकारी और प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय का नाम भी बकायेदार संपत्तियों में सामने आया है। नगर निगम अब सरकारी और गैर-सरकारी दोनों तरह की संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगाल रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन संपत्तियों पर कितना टैक्स बकाया है।एक दिन में 193 संपत्तियों का असेसमेंट नगर निगम के अभियान की गति को दर्शाता है। अधिकारियों की ओर से संपत्ति मालिकों को टैक्स का सही आकलन कराने और समय पर भुगतान करने के लिए भी कहा जा रहा है।
नगर निगम का फोकस अब ऐसे मामलों की पहचान करने पर है, जहां संपत्ति का टैक्स निर्धारित नहीं हुआ है या लंबे समय से बकाया चल रहा है। इसके साथ ही टैक्स रिकॉर्ड को अपडेट करने की प्रक्रिया भी जारी है।अधिकारियों का कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स नगर निकाय की आय का प्रमुख स्रोत है। इससे शहर में सड़क, नाला, सफाई, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए संसाधन उपलब्ध होते हैं। ऐसे में बकाया टैक्स की वसूली और सभी पात्र संपत्तियों का नियमित असेसमेंट नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है।