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औरंगाबाद में SC-ST अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों की समीक्षा, पीड़ितों को समय पर राहत देने के निर्देश

 

औरंगाबाद में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की बुधवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को मामलों में त्वरित कार्रवाई करने और पीड़ितों को समय पर मुआवजा व राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की वर्तमान स्थिति, जांच की प्रगति और लंबित प्रकरणों की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि पीड़ितों को मिलने वाली सहायता प्रक्रिया में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए और जांच प्रक्रिया को समय पर पूरा किया जाए। साथ ही पीड़ित परिवारों को सरकार की ओर से निर्धारित राहत राशि और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

समीक्षा के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जिले में दर्ज मामलों और उन पर की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लंबित मामलों का जल्द निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी ने कहा कि अत्याचार निवारण अधिनियम का उद्देश्य पीड़ितों को न्याय और सुरक्षा प्रदान करना है। इसलिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर काम करना जरूरी है।

बैठक में पुलिस विभाग, सामाजिक कल्याण विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मामलों की नियमित निगरानी करते हुए पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।प्रशासन का कहना है कि एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आने वाले मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं।