पटना में बागी कांग्रेसियों की तैयारी बैठक, महासम्मेलन और संपर्क यात्रा पर जोर
बागी कांग्रेसियों ने पटना में 17 मार्च को होने वाले पार्टी महासम्मेलन की तैयारी को लेकर बैठक की। इस बैठक की अध्यक्षता नागेंद्र पासवान विकल ने की, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक छत्रपति यादव भी मौजूद रहे। बैठक में आगामी महासम्मेलन और संपर्क यात्रा को लेकर रणनीति तैयार की गई।
पूर्व विधायक छत्रपति यादव ने कहा कि पहले चरण की संपर्क यात्रा को सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि विभिन्न जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता के बीच संवाद स्थापित करने का यह प्रयास बेहद सफल रहा। यादव ने कहा कि इस संपर्क यात्रा के माध्यम से पार्टी की नीतियों और आगामी महासम्मेलन के एजेंडे को प्रभावी रूप से जनता तक पहुँचाया गया।
बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य आनंद माधव भी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के आदेशों पर सवाल उठाए और कहा कि पार्टी के अंदर निर्णय प्रक्रिया और आदेशों में पारदर्शिता की आवश्यकता है। आनंद माधव ने यह भी सुझाव दिया कि बागी और मुख्यधारा के नेताओं के बीच समन्वय स्थापित किया जाए ताकि पार्टी में गुटबाजी से बचा जा सके।
बैठक के दौरान यह भी तय किया गया कि गुरुवार से छत्रपति यादव और नागेंद्र पासवान विकल के नेतृत्व में दूसरे चरण की संपर्क यात्रा शुरू होगी। इस चरण में कई जिलों को शामिल किया जाएगा, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच संवाद बढ़ाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य महासम्मेलन से पहले मतदाता और पार्टी कार्यकर्ताओं को जोड़ना है।
सत्र में कुछ नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष पर दलित कार्ड खेलने का आरोप भी लगाया। बागी नेताओं का कहना है कि इस तरह की राजनीति से पार्टी की मूल नीतियों और समाज में समानता के संदेश को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से अपील की कि दलित समुदाय और अन्य कमजोर वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जाए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बागी कांग्रेसियों की यह बैठक और संपर्क यात्रा पार्टी के अंदरूनी विवादों को सुलझाने और आगामी महासम्मेलन में मजबूती से भाग लेने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम है। बैठक में तय की गई रणनीति का असर न केवल महासम्मेलन में दिखेगा, बल्कि पार्टी की आगामी चुनावी तैयारियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि महासम्मेलन के दौरान पारदर्शिता, समन्वय और संगठनात्मक मजबूती को प्रमुखता दी जाएगी। इसके लिए बागी नेताओं ने अपने सुझाव और अनुभव साझा किए। बैठक के बाद नेताओं ने मीडिया से कहा कि पार्टी की मजबूती और जनता के हितों के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे।
अंततः, पटना में बागी कांग्रेसियों की यह बैठक आगामी महासम्मेलन और संपर्क यात्रा की दिशा में निर्णायक साबित होगी। यह न केवल पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच संवाद स्थापित करने का अवसर भी प्रदान करेगी।