सदन में नेता प्रतिपक्ष की गैरमौजूदगी पर उठा सवाल, सत्ता पक्ष ने पूछा- 'वह कहां हैं, कोई बताने की स्थिति में नहीं'
बिहार विधानसभा के सत्र के अंतिम दिन नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति को लेकर सदन में सवाल उठाए गए। सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष के नेता की गैरमौजूदगी पर चिंता जताते हुए कहा गया कि सदन यह जानना चाहता है कि नेता प्रतिपक्ष सुरक्षित हैं या नहीं और वह कहां हैं।सदन में बोलते हुए सत्ता पक्ष के एक नेता ने कहा, "सदन जानना चाहता है कि विपक्ष के नेता सुरक्षित हैं, स्वस्थ हैं, कहां हैं। आज तक इन्होंने (राजद) नहीं बताया महोदय।" उन्होंने कहा कि यह कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं है, बल्कि सदन की गरिमा और जिम्मेदारी से जुड़ा सवाल है।
विपक्ष के नेता की अनुपस्थिति पर उठे सवाल
विधानसभा में सत्ता पक्ष ने कहा कि सत्र का अंतिम दिन है और ऐसे समय में नेता प्रतिपक्ष का सदन में मौजूद नहीं होना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि किसी को यह जानकारी नहीं है कि विपक्ष के नेता कहां हैं और उनकी स्थिति क्या है।उन्होंने कहा, "मैं व्यक्तिगत नहीं हो रहा। आज सत्र का अंतिम दिन है और मेरा नेता प्रतिपक्ष गायब है। कोई बताने की स्थिति में नहीं है कि वह कहां हैं।"
सुरक्षा को लेकर भी जताई चिंता
सत्ता पक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी सवाल उठाए गए। उनका कहना था कि लोकतंत्र में विपक्ष के नेता का पद महत्वपूर्ण होता है और उनकी मौजूदगी सदन की कार्यवाही के लिए जरूरी है।उन्होंने मांग की कि विपक्ष की ओर से स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
राजद पर साधा निशाना
इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष ने राजद पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि पार्टी को अपने नेता की स्थिति के बारे में जानकारी देनी चाहिए और सदन को अवगत कराना चाहिए।हालांकि, विपक्ष की ओर से इस मामले में क्या प्रतिक्रिया दी गई, यह अभी सामने नहीं आई है।
सदन के अंतिम दिन गरमाया माहौल
विधानसभा सत्र के आखिरी दिन यह मुद्दा उठने के बाद सदन का माहौल गर्म हो गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर देखने को मिला।नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति को लेकर उठे सवालों के बाद अब सभी की नजर विपक्ष की ओर से आने वाले जवाब पर टिकी है।