×

बिहार में एमबीबीएस परीक्षाओं पर उठे सवाल, 2015 से अब तक छह बार लीक हो चुके प्रश्नपत्र; व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल

 

नीट परीक्षा में कथित धांधली को लेकर चल रहे विवाद के बीच बिहार में एमबीबीएस परीक्षाओं की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। सामने आए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2015 से अब तक आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी (AKU) के अंतर्गत आयोजित एमबीबीएस परीक्षाओं के प्रश्नपत्र छह बार लीक हो चुके हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मेडिकल शिक्षा से जुड़ी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होना न केवल छात्रों के भविष्य को प्रभावित करता है, बल्कि पूरी चयन और मूल्यांकन प्रणाली पर भी असर डालता है। मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश और डिग्री हासिल करने वाले छात्रों की योग्यता को लेकर भी इससे चिंता बढ़ती है।

छह बार लीक हुए एमबीबीएस के प्रश्नपत्र

जानकारी के मुताबिक, पिछले करीब एक दशक में एमबीबीएस परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की कई घटनाएं सामने आई हैं। वर्ष 2015 से लेकर अब तक छह बार ऐसी स्थिति बनी, जब परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र बाहर आने के आरोप लगे। हर बार जांच और कार्रवाई की बात कही गई, लेकिन घटनाओं की पुनरावृत्ति ने परीक्षा संचालन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

छात्र संगठनों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं होने से मेहनत करने वाले छात्रों का भरोसा कमजोर होता है।

नीट विवाद के बाद बढ़ी चिंता

नीट परीक्षा को लेकर देशभर में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद अब बिहार की मेडिकल परीक्षाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। छात्रों का कहना है कि अगर मेडिकल जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में भी प्रश्नपत्र सुरक्षित नहीं रह पा रहे हैं तो परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की जरूरत है।

मेडिकल शिक्षा से जुड़ी परीक्षाएं छात्रों के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं छात्रों के मानसिक तनाव को बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं।

सख्त निगरानी की मांग

शिक्षाविदों और छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया को और मजबूत बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।

इसके लिए डिजिटल सुरक्षा उपाय, प्रश्नपत्रों की निगरानी, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी बताई जा रही है।

जांच और सुधार की जरूरत

लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं के बाद अब परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग तेज हो गई है। छात्रों का कहना है कि केवल कार्रवाई की घोषणा करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जिससे भविष्य में प्रश्नपत्र लीक की कोई गुंजाइश न रहे।

बिहार में एमबीबीएस परीक्षाओं से जुड़े ये मामले अब शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। आने वाले समय में सरकार और संबंधित संस्थानों की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर सभी की नजरें टिकी हैं।