वर्दी में रील बनाने पर सख्ती: पूर्णिया की महिला थानाध्यक्ष शबाना आजमी निलंबित, 50 अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई के आदेश
बिहार पुलिस में अनुशासन और वर्दी की गरिमा को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। पूर्णिया की महिला थानाध्यक्ष शबाना आजमी को पुलिस वर्दी में सोशल मीडिया रील बनाने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई बिहार पुलिस मुख्यालय के सख्त निर्देशों के बाद की गई है।
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि वर्दी में सोशल मीडिया पर वीडियो या रील बनाना विभागीय नियमों और अनुशासन का उल्लंघन है। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई है, ताकि पुलिस बल की छवि और वर्दी की गरिमा को बनाए रखा जा सके।
जानकारी के अनुसार, संबंधित अधिकारी द्वारा वर्दी में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रील बनाई गई थी, जो बाद में वायरल हो गई। मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू की गई और प्राथमिक रूप से इसे नियमों के खिलाफ माना गया। इसके बाद तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई के साथ ही बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य के अन्य जिलों में भी सख्ती बरतने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्यालय ने लगभग 50 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए हैं, जो कथित रूप से वर्दी में सोशल मीडिया रील बनाते या अपलोड करते पाए गए हैं।
पुलिस मुख्यालय का कहना है कि वर्दी सिर्फ एक पहचान नहीं, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और जनता के भरोसे का प्रतीक है। ऐसे में इसका किसी भी प्रकार से मनोरंजन या व्यक्तिगत प्रचार के लिए उपयोग करना स्वीकार्य नहीं है।
इस पूरे मामले ने पुलिस विभाग के भीतर सोशल मीडिया उपयोग को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कुछ अधिकारियों का मानना है कि बदलते समय में सोशल मीडिया का उपयोग नियंत्रित तरीके से किया जा सकता है, जबकि विभागीय नियमों का एक वर्ग इसे अनुशासनहीनता मान रहा है।
वहीं, इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है और कई जिलों में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे सोशल मीडिया पर वर्दी से जुड़ी सामग्री साझा करने से पहले नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
फिलहाल, पुलिस मुख्यालय ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और अनुशासन तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।