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पटना साइंस कॉलेज में PUSU चुनाव से पहले अध्यक्षीय बहस

 

पटना साइंस कॉलेज में आज दोपहर 1 बजे PUSU (पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ) चुनाव से पहले अध्यक्षीय बहस आयोजित की जाएगी। इस बहस में कुल 11 उम्मीदवार अपने एजेंडे और नीतियों को मतदाताओं के सामने प्रस्तुत करेंगे।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि कार्यक्रम कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित किया जाएगा। सभी उम्मीदवारों को लिंगदोह समिति के नियमों के तहत 5 मिनट का वक्त मिलेगा। इस समय में वे अपने चुनावी प्रस्ताव, योजनाएं और छात्रों के लिए किए जाने वाले सुधारों को विस्तार से बताएंगे।

सूत्रों के अनुसार, बहस का उद्देश्य छात्रों को उम्मीदवारों के एजेंडे और दृष्टिकोण से अवगत कराना है। इससे छात्र अपने मत का निर्णय जानकारी और स्पष्ट समझ के आधार पर ले सकेंगे। बहस में शामिल विषयों में छात्र कल्याण, हॉस्टल सुविधाएं, पुस्तकालय, खेलकूद और शैक्षणिक सुधार शामिल हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों और शिक्षकों से अपील की है कि वे बहस के दौरान शांति और अनुशासन बनाए रखें। अधिकारियों ने बताया कि परिसर में सुरक्षा कर्मियों की पर्याप्त तैनाती की गई है, ताकि कोई अव्यवस्था या विवाद उत्पन्न न हो।

विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्षीय बहस एक महत्वपूर्ण मंच है। इससे छात्रों को उम्मीदवारों की विचारधारा, नीति और कार्यक्रम की गहरी समझ मिलती है। यह न केवल चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाता है, बल्कि छात्र नेतृत्व की गुणवत्ता का भी परीक्षण करता है।

उम्मीदवारों ने पहले ही बहस के लिए अपने मुद्दों और प्रस्तावों की तैयारी शुरू कर दी है। प्रत्येक उम्मीदवार को पांच मिनट का समय दिया गया है, जिसमें वे अपने एजेंडे को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करेंगे। इस समय सीमा का पालन करना अनिवार्य है ताकि सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिले।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी कहा कि बहस का ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग किया जाएगा और इसे छात्र समुदाय के बीच उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उपस्थित नहीं होने वाले छात्र भी कार्यक्रम का लाभ उठा सकें।

स्थानीय छात्र नेताओं ने इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि यह बहस मतदाताओं के लिए निर्णय लेने में मददगार होगी और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी को बढ़ाएगी।

इस प्रकार, आज पटना साइंस कॉलेज में आयोजित होने वाली PUSU अध्यक्षीय बहस छात्रों और उम्मीदवारों दोनों के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित होगी। बहस के परिणाम से छात्रसंघ चुनाव की दिशा और छात्र समुदाय की भागीदारी तय होने की संभावना है।