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गंगा पथों का प्रारंभिक एलाइनमेंट तय, ट्रैफिक दबाव और लागत के आकलन के बाद बनेगी डीपीआर

 

गंगा नदी के किनारे प्रस्तावित गंगा पथों को लेकर योजना आगे बढ़ गई है। इन गंगा पथों का प्रारंभिक एलाइनमेंट तय कर लिया गया है। अब इसके फाइनल एलाइनमेंट, निर्माण में आने वाली संभावित लागत और भविष्य में रहने वाले ट्रैफिक दबाव समेत कई महत्वपूर्ण पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए परामर्शी एजेंसियों की मदद ली जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक एलाइनमेंट तैयार होने के बाद अब विस्तृत तकनीकी अध्ययन कराया जाएगा। परामर्शी यह आकलन करेंगे कि गंगा पथ का अंतिम मार्ग किस तरह तय किया जाए, ताकि निर्माण के बाद इसका अधिक प्रभावी इस्तेमाल हो सके। इसके साथ ही प्रस्तावित मार्ग पर यातायात का दबाव कितना रहेगा और आने वाले वर्षों में इसमें किस तरह बदलाव हो सकता है, इसका भी अध्ययन किया जाएगा।परियोजना की अनुमानित लागत का आकलन भी इसी अध्ययन का अहम हिस्सा होगा। निर्माण के लिए जरूरी जमीन, सड़क की लंबाई, संरचनाओं और अन्य तकनीकी जरूरतों के आधार पर खर्च का अनुमान तैयार किया जाएगा। इन सभी पहलुओं की रिपोर्ट तैयार होने के बाद परियोजना की विस्तृत रूपरेखा सामने आएगी।

अध्ययन पूरा होने के बाद संबंधित नगर निगम की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर सौंपी जाएगी। डीपीआर में परियोजना के निर्माण से जुड़े तकनीकी और वित्तीय पहलुओं का विस्तृत ब्योरा शामिल होगा। इसमें प्रस्तावित मार्ग, निर्माण की जरूरत, अनुमानित लागत और ट्रैफिक से संबंधित अध्ययन जैसी जानकारियां शामिल रहने की संभावना है।

गंगा पथों की योजना का उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और गंगा किनारे संपर्क को मजबूत करने से जुड़ा है। हालांकि परियोजना का वास्तविक स्वरूप फाइनल एलाइनमेंट और डीपीआर तैयार होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल प्रारंभिक एलाइनमेंट के आधार पर आगे की तकनीकी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।परामर्शी एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर परियोजना में आवश्यक बदलाव भी किए जा सकते हैं। ट्रैफिक दबाव, निर्माण लागत और तकनीकी व्यवहार्यता को ध्यान में रखते हुए अंतिम एलाइनमेंट तय किया जाएगा। इसके बाद डीपीआर के माध्यम से परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।