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प्रशांत किशोर का पीएम मोदी पर तंज, बोले- 2047 तक विकसित भारत देखने के लिए कौन जिंदा रहेगा, पता नहीं

 

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को लेकर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि 2047 तक देश को विकसित भारत के रूप में देखने के लिए कौन जिंदा रहेगा और कौन नहीं, यह किसी को पता नहीं है। उन्होंने सरकार से भविष्य के बड़े लक्ष्यों के साथ-साथ वर्तमान समस्याओं पर भी ध्यान देने की अपील की।

प्रशांत किशोर ने कहा कि देश का विकास लंबे समय के लक्ष्य के बजाय मौजूदा जरूरतों के अनुरूप भी होना चाहिए। उनके मुताबिक, आम लोगों की समस्याओं का समाधान अभी किया जाना जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों और मौजूदा परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को वर्तमान हालात पर प्राथमिकता के साथ ध्यान देना चाहिए।

‘विकास अभी होना चाहिए’

प्रशांत किशोर ने ‘विकसित भारत 2047’ के विजन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने लंबे समय बाद देश किस स्थिति में होगा, यह कोई नहीं जानता। उन्होंने अपने बयान के जरिए सरकार से मौजूदा समय में विकास की गति बढ़ाने और लोगों की तत्काल जरूरतों पर काम करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि देश के सामने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों से जुड़ी कई चुनौतियां हैं। ऐसे में इन समस्याओं पर अभी ठोस काम किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य के लक्ष्य तय करना जरूरी है, लेकिन वर्तमान की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल

प्रशांत किशोर का बयान ऐसे समय आया है, जब केंद्र सरकार ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को लेकर लगातार योजनाओं और नीतियों पर जोर देती रही है। सरकार का लक्ष्य भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाना है।

प्रशांत किशोर ने इसी दीर्घकालिक लक्ष्य को लेकर सरकार पर राजनीतिक तंज किया। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को विकास का लाभ आज मिलना चाहिए। उनके मुताबिक, आम लोगों की जिंदगी में सुधार के लिए शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर तत्काल ध्यान देना जरूरी है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत

प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर विपक्षी दल पहले भी अलग-अलग मुद्दों पर सवाल उठाते रहे हैं। अब प्रशांत किशोर ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को मौजूदा परिस्थितियों से जोड़कर सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया है।

हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से प्रशांत किशोर के इस बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

प्रशांत किशोर लंबे समय से बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके बयानों में सरकार की नीतियों और राजनीतिक दलों पर सीधा हमला देखने को मिलता रहा है। इस बयान के जरिए भी उन्होंने सरकार को भविष्य के लक्ष्य के बजाय वर्तमान समस्याओं पर अधिक ध्यान देने का संदेश दिया है।