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डाक विभाग की ज्ञान पोस्ट सेवा: छात्र और शिक्षक सिर्फ 20 रुपये में भेज सकेंगे शैक्षणिक किताबें

 

डाक विभाग ने छात्रों और शिक्षकों के लिए एक खास सुविधा शुरू की है। 'ज्ञान पोस्ट सेवा' के तहत अब छात्र-छात्राएं और शिक्षक कम खर्च में शैक्षणिक पुस्तकें देश के किसी भी हिस्से में भेज सकेंगे। इस योजना का उद्देश्य शिक्षा से जुड़ी सामग्री के आदान-प्रदान को आसान और सस्ता बनाना है।

डाक विभाग के अनुसार, इस सेवा का लाभ केवल छात्र और शिक्षक ही उठा सकेंगे। इसके तहत सिर्फ शैक्षणिक पुस्तकों को भेजने की अनुमति होगी, जबकि व्यावसायिक यानी कमर्शियल पुस्तकों को इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।

20 रुपये में देशभर में भेज सकेंगे किताबें

डाक विभाग के मुताबिक, ज्ञान पोस्ट सेवा के तहत केवल 20 रुपये की शुरुआती दर में भारत के किसी भी हिस्से में शैक्षणिक पुस्तकें भेजी जा सकेंगी। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों में पढ़ने वाले छात्रों और शिक्षकों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इस सेवा के माध्यम से किताबों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का खर्च कम होगा और विद्यार्थियों को जरूरी अध्ययन सामग्री आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

सिर्फ शैक्षणिक पुस्तकों पर लागू होगी योजना

डाक विभाग ने स्पष्ट किया है कि ज्ञान पोस्ट सेवा का उपयोग केवल शिक्षा से संबंधित पुस्तकों के लिए किया जा सकेगा। बाजार में बिक्री के उद्देश्य से प्रकाशित कमर्शियल पुस्तकों को इस सुविधा के तहत नहीं भेजा जाएगा।

योजना का लाभ लेने के लिए छात्रों और शिक्षकों को अपनी पात्रता से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं।

शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल

डाक विभाग की यह पहल छात्रों और शिक्षकों के लिए मददगार साबित हो सकती है। खासकर ऐसे विद्यार्थी जो प्रतियोगी परीक्षाओं या उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें कम लागत में किताबें मंगाने और भेजने की सुविधा मिलेगी।

विभाग का मानना है कि ज्ञान पोस्ट सेवा शिक्षा के प्रसार और अध्ययन सामग्री की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।