पटना पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाया डॉक्टर अपहरण कांड, तीन गिरफ्तार
बिहार की राजधानी पटना में एक सनसनीखेज अपहरण कांड को पटना पुलिस ने मात्र 24 घंटे में सुलझा लिया। फुलवारी शरीफ से अगवा किए गए डॉक्टर सर्वेश कुमार तिवारी को समस्तीपुर से सुरक्षित बरामद किया गया। इस मामले ने स्थानीय लोगों में दहशत फैलाई थी और पुलिस की तत्परता से मामला तेजी से हल हुआ।
सूत्रों के अनुसार, अपराधियों ने डॉक्टर को अगवा करने के बाद 70 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित और रणनीतिक कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान तीन अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, और डॉक्टर को सुरक्षित बहाल कराया गया।
जानकारी के अनुसार, यह अपहरण नौकरी और परीक्षा पास कराने से जुड़े पैसों के विवाद के कारण हुआ था। अपहरणकर्ताओं ने पैसे की मांग की थी, लेकिन पुलिस की तेजी और कुशलता के कारण उनका प्लान विफल रहा।
पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि शिकायत मिलने के तुरंत बाद टीमों का गठन किया गया और अपराधियों की लोकेशन ट्रेस की गई। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस की सघन निगरानी और कुशल जासूसी का उदाहरण है।
अभियान के दौरान पुलिस ने साइबर और तकनीकी जांच के जरिए अपराधियों की पहचान की। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है, ताकि पूरे अपहरण नेटवर्क और योजना का पर्दाफाश किया जा सके।
स्थानीय लोगों और डॉक्टर समुदाय ने पुलिस की इस तेज़ और प्रभावी कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे यह संदेश गया कि कानून की नजर से कोई भी अपराधी बच नहीं सकता और अपहरण जैसी गंभीर वारदातों में पुलिस पूरी सतर्कता बरतेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि नौकरी और परीक्षा जैसे संवेदनशील मामलों में पैसों के विवाद अक्सर गंभीर अपराधों का कारण बन सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी विवाद को कानूनी और सुरक्षित माध्यमों से हल करें, ताकि किसी भी तरह का अपहरण या फिरौती जैसी घटनाएं न हों।
डॉक्टर सर्वेश कुमार तिवारी फिलहाल सुरक्षित हैं और उन्हें परिवार के पास भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच जारी रखे हुए है और अपहरण में शामिल सभी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कर रही है।
पटना पुलिस की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि सघन निगरानी, तेज कार्रवाई और रणनीतिक योजना से अपराधियों को पकड़ा जा सकता है। इससे नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत हुई है।
इस घटना ने यह भी संदेश दिया कि बिहार में कानून और व्यवस्था की सुरक्षा पर पुलिस पूरी तरह से सक्रिय और सतर्क है। अपहरण जैसी घटनाओं में अपराधियों को कोई मौका नहीं मिलेगा, और उन्हें कानूनी दायरे में लाया जाएगा।