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पटना नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स अभियान तेज, 4771 नई संपत्तियां टैक्स दायरे में शामिल; बढ़ेगा राजस्व

 

पटना नगर निगम ने राजस्व बढ़ाने के लिए प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन अभियान को तेज कर दिया है। नगर निगम की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से सितंबर के पहले सप्ताह तक बड़ी कार्रवाई करते हुए 4,771 नई संपत्तियों को टैक्स के दायरे में शामिल किया गया है।नगर निगम का उद्देश्य शहर में मौजूद सभी योग्य संपत्तियों को टैक्स व्यवस्था से जोड़ना और राजस्व संग्रह को मजबूत करना है। इसके लिए निगम की टीमों की ओर से लगातार सर्वे और जांच अभियान चलाया जा रहा है।

नई संपत्तियों को जोड़ा गया टैक्स नेटवर्क में

पटना नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, शहर में कई ऐसी संपत्तियां थीं जो अब तक प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में नहीं आई थीं। ऐसी संपत्तियों की पहचान कर उन्हें नगर निगम के रिकॉर्ड में शामिल किया जा रहा है।अप्रैल से सितंबर के पहले सप्ताह तक कुल 4,771 नई संपत्ति का रजिस्ट्रेशन टैक्स प्रणाली में किया गया है। इससे नगर निगम के राजस्व में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

राजस्व बढ़ाने पर निगम का फोकस

नगर निगम लंबे समय से अपने आय स्रोतों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। प्रॉपर्टी टैक्स नगर निगम की आय का प्रमुख माध्यम है। ऐसे में टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के लिए नए करदाताओं को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।अधिकारियों का कहना है कि शहर के विकास कार्यों, साफ-सफाई, सड़क, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं के संचालन के लिए पर्याप्त राजस्व जरूरी है।

टैक्स चोरी और अनियमितताओं पर नजर

नगर निगम की टीमें उन संपत्तियों की भी पहचान कर रही हैं, जो लंबे समय से टैक्स जमा नहीं कर रही हैं। इसके अलावा संपत्तियों के रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति का मिलान किया जा रहा है।अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी पात्र संपत्तियां नगर निगम के टैक्स नेटवर्क में शामिल हों और किसी तरह की अनियमितता न हो।

लोगों को टैक्स जमा करने की अपील

नगर निगम ने शहरवासियों से समय पर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि टैक्स जमा करने से शहर में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।पटना नगर निगम आने वाले समय में भी संपत्तियों की पहचान और टैक्स कलेक्शन अभियान जारी रखेगा। निगम का लक्ष्य अधिक से अधिक संपत्तियों को टैक्स व्यवस्था से जोड़कर राजस्व में वृद्धि करना है।