पटना मेट्रो की बढ़ेगी रफ्तार, दिसंबर तक आएंगी 6 बोगियों वाली 3 ट्रेनें; नए रूट पर भी दौड़ेगी मेट्रो
पटना मेट्रो के यात्रियों के लिए आने वाले महीनों में बड़ी राहत मिलने वाली है। मेट्रो सेवा को मजबूत करने के लिए पुणे से दिसंबर तक छह बोगियों वाली तीन मेट्रो ट्रेनें लीज पर लाई जाएंगी। इससे मौजूदा रूट पर यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ-साथ भविष्य में बढ़ने वाले यात्री दबाव को संभालने में भी मदद मिलेगी।
फिलहाल पटना में मेट्रो का संचालन सीमित दायरे में हो रहा है। आईएसबीटी से मलाही पकड़ी के बीच 6.2 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर तीन बोगियों वाली एक ट्रेनसेट चल रही है। इस रूट पर मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक तेज और सुविधाजनक परिवहन का विकल्प मिला है।
अब यात्रियों की संख्या और भविष्य में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को देखते हुए ट्रेन की क्षमता बढ़ाने की तैयारी है। छह बोगियों वाली नई ट्रेनें मौजूदा तीन बोगियों वाली ट्रेन की तुलना में ज्यादा यात्रियों को एक साथ सफर करा सकेंगी। इससे व्यस्त समय में भीड़ को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पुणे से लीज पर आएंगी ट्रेनें
मेट्रो के लिए नई ट्रेनें पुणे से लीज पर मंगाई जाएंगी। योजना के मुताबिक दिसंबर तक छह बोगियों वाली तीन ट्रेनें उपलब्ध हो जाएंगी। इनके आने के बाद मेट्रो परिचालन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
अधिक क्षमता वाली ट्रेनें खास तौर पर उन समयों में उपयोगी होंगी, जब कार्यालय और शिक्षण संस्थानों के खुलने या छुट्टी के समय बड़ी संख्या में यात्री मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं।
खेमनीचक-मीठापुर के बीच नया कॉरिडोर
पटना मेट्रो नेटवर्क में एक और महत्वपूर्ण विस्तार होने जा रहा है। अगले साल खेमनीचक से मीठापुर के बीच 3.1 किलोमीटर लंबा नया एलिवेटेड ट्रैक चालू होने की योजना है। यह मौजूदा आईएसबीटी-मलाही पकड़ी रूट से अलग कॉरिडोर होगा।
नए ट्रैक के शुरू होने से पटना के एक और महत्वपूर्ण हिस्से को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा। इससे शहर में सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
अलग रूट से जुड़ेगा नया इलाका
खेमनीचक-मीठापुर कॉरिडोर के शुरू होने के बाद यात्रियों को शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच आने-जाने का नया विकल्प मिलेगा। वर्तमान में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। ऐसे में नए कॉरिडोर और ज्यादा क्षमता वाली ट्रेनों को भविष्य के बड़े नेटवर्क की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
पटना में आबादी और वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच मेट्रो को शहर की परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है। नई ट्रेनों और नए एलिवेटेड रूट के साथ मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से सड़क पर यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
आने वाले समय में जैसे-जैसे नए कॉरिडोर जुड़ेंगे, पटना के लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन का विकल्प और व्यापक रूप से उपलब्ध होगा।