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पटना ग्रेजुएट सीट का चुनाव हुआ दिलचस्प, अनुज सिंह के लिए अनंत सिंह मांग रहे वोट; नीरज कुमार और दिलीप कुमार के समर्थन में भी दिग्गज मैदान में

 

बिहार में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है। चुनाव प्रचार में अलग-अलग उम्मीदवारों के समर्थन में प्रभावशाली नेताओं की सक्रियता ने मुकाबले को चर्चा में ला दिया है। जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के लिए जदयू विधायक अनंत सिंह वोट मांग रहे हैं। वहीं, नीरज कुमार के समर्थन में वारिसलीगंज के अखिलेश सिंह प्रचार कर रहे हैं, जबकि राजद उम्मीदवार दिलीप कुमार के लिए अशोक महतो चुनावी मैदान में समर्थन जुटा रहे हैं।

अनुज सिंह के समर्थन में उतरे अनंत सिंह

पटना ग्रेजुएट सीट पर जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के लिए अनंत सिंह प्रचार कर रहे हैं। अनंत सिंह बिहार की राजनीति में अपने प्रभाव और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। उनके प्रचार में उतरने से अनुज सिंह के चुनाव अभियान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि उनके समर्थन का चुनावी नतीजों पर क्या असर पड़ता है।

नीरज कुमार के लिए अखिलेश सिंह कर रहे प्रचार

दूसरी ओर, नीरज कुमार के समर्थन में वारिसलीगंज के अखिलेश सिंह प्रचार अभियान में सक्रिय हैं। चुनाव में उम्मीदवारों के समर्थन में प्रभावशाली चेहरों की मौजूदगी से मुकाबले पर सबकी नजर बनी हुई है। अलग-अलग नेताओं की सक्रियता से पटना स्नातक सीट का चुनावी माहौल गर्म होता दिखाई दे रहा है।

दिलीप कुमार के समर्थन में अशोक महतो

राजद उम्मीदवार दिलीप कुमार के लिए अशोक महतो प्रचार कर रहे हैं। इस तरह अलग-अलग उम्मीदवारों के पक्ष में चर्चित राजनीतिक और स्थानीय प्रभाव वाले लोगों के मैदान में उतरने से चुनावी मुकाबले में दिलचस्पी बढ़ गई है।

स्नातक मतदाताओं पर उम्मीदवारों की नजर

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में पंजीकृत स्नातक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हैं। उम्मीदवारों के लिए ऐसे मतदाताओं तक पहुंचना और अपने पक्ष में समर्थन जुटाना महत्वपूर्ण होता है। प्रचार अभियान में नेताओं की भागीदारी से उम्मीदवारों को चर्चा और जनसंपर्क में मदद मिल सकती है, लेकिन इसका चुनाव परिणाम पर कितना असर पड़ेगा, यह मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।

फिलहाल, पटना ग्रेजुएट सीट पर अलग-अलग उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रहे नेताओं की सक्रियता चुनाव को सुर्खियों में बनाए हुए है। अब सभी की नजर चुनाव प्रचार, मतदाताओं के रुख और अंतिम नतीजों पर रहेगी।