मानवता की मिसाल बने पप्पू यादव: सड़क हादसे में घायल 10 वर्षीय छात्र को गोद में उठाकर अस्पताल पहुंचाया, बचाई जान
बिहार के पूर्णिया जिले में मानवता की मिसाल पेश करने वाली एक घटना सामने आई है। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 10 वर्षीय छात्र अंकित कुमार की मदद के लिए सांसद पप्पू यादव ने अपना काफिला बीच रास्ते में रुकवा दिया। उन्होंने घायल बच्चे को अपनी गोद में उठाया और बिना देर किए खुद सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) पहुंचाकर उसका इलाज शुरू कराया। इस दौरान अस्पताल पहुंचने तक वे लगातार बच्चे का हौसला बढ़ाते रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांसद पप्पू यादव किसी कार्यक्रम से लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उन्होंने सड़क किनारे घायल अवस्था में एक बच्चे को देखा। हादसे की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपना काफिला रुकवाया और सुरक्षा प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना सीधे बच्चे के पास पहुंचे।
गोद में उठाकर पहुंचे अस्पताल
घायल छात्र अंकित कुमार दर्द से कराह रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पप्पू यादव ने इंतजार करने के बजाय उसे अपनी गोद में उठाया और तुरंत वाहन से जीएमसीएच पहुंचाया। अस्पताल पहुंचते ही उन्होंने डॉक्टरों से तत्काल इलाज शुरू करने का आग्रह किया, जिसके बाद मेडिकल टीम ने बच्चे का उपचार शुरू किया।बताया जा रहा है कि अस्पताल पहुंचने तक पप्पू यादव लगातार बच्चे से बात करते रहे और उसे हिम्मत बंधाते रहे, ताकि वह घबराए नहीं।
डॉक्टरों ने तुरंत शुरू किया इलाज
जीएमसीएच पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने घायल छात्र की प्राथमिक जांच की और आवश्यक उपचार शुरू किया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने से बच्चे को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सकी। फिलहाल उसकी हालत पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
लोगों ने की सराहना
घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने पप्पू यादव के इस मानवीय कदम की जमकर सराहना की। लोगों का कहना है कि हादसे के समय जिस तरह उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए घायल बच्चे की मदद की, वह समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।सोशल मीडिया पर भी यह घटना तेजी से चर्चा में है। कई लोगों ने लिखा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों का इस तरह जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना समाज में सकारात्मक संदेश देता है।
समय पर मदद से बच सकती है जान
विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को "गोल्डन ऑवर" के भीतर अस्पताल पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण होता है। समय पर इलाज मिलने से गंभीर रूप से घायल मरीज की जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।पूर्णिया में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि दुर्घटना के बाद तत्काल मदद और संवेदनशीलता किसी की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।