बिहार बाढ़ से बेहाल, स्कूलों में दीया जलाने के आदेश पर भड़के पप्पू यादव, बोले- पहले पीड़ितों की चिंता करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर बिहार के सरकारी स्कूलों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने के कार्यक्रम को लेकर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने आपत्ति जताई है। उन्होंने बिहार में बाढ़ की स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि जब राज्य के कई जिले बाढ़ की मार झेल रहे हैं, ऐसे समय में शिक्षकों को दीया जलाने के कार्यक्रम में लगाना उचित नहीं है। पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बिहार सरकार पर निशाना साधा है।
स्कूलों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का निर्देश
रिपोर्टों के मुताबिक, बिहार शिक्षा विभाग की ओर से सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि 17 सितंबर की शाम सरकारी स्कूलों और छात्रावासों में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया जाए। कार्यक्रम में दीप जलाकर ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प का संदेश देने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने की बात कही गई है।
इसी आदेश को लेकर पप्पू यादव ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार इस समय बाढ़ की गंभीर समस्या से गुजर रहा है और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं। ऐसे समय में सरकारी शिक्षकों को प्रधानमंत्री के जन्मदिन के कार्यक्रम में शामिल करने के बजाय बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
बाढ़ प्रभावित लोगों का मुद्दा उठाया
पप्पू यादव ने अपने बयान में दावा किया कि बिहार के 18 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 50 लाख लोग इसकी चपेट में हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के सामने भोजन, पीने के पानी और सुरक्षित जगह पर रहने जैसी चुनौतियां हैं। ऐसे में सरकारी स्तर पर प्राथमिकता राहत और बचाव कार्यों को दी जानी चाहिए।
बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर हाल के दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है। अलग-अलग रिपोर्टों में बाढ़ से प्रभावित जिलों और लोगों की संख्या के अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं।
पप्पू यादव लगातार उठा रहे हैं बाढ़ का मुद्दा
यह पहली बार नहीं है जब पप्पू यादव ने बिहार की बाढ़ को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले भी वह बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर चुके हैं और राहत व्यवस्था को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। सितंबर की शुरुआत में उन्होंने पटना के दियारा क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की थी और राहत सामग्री तथा आर्थिक सहायता भी वितरित की थी।
14 सितंबर को भी पप्पू यादव ने बिहार की बाढ़ को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान और नदी प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को उठाया था।
कार्यक्रम पर बढ़ी राजनीतिक बहस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बिहार में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर अब राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। जहां शिक्षा विभाग की ओर से इसे विकसित भारत के संकल्प और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता से जोड़कर देखा गया है, वहीं पप्पू यादव ने बाढ़ की मौजूदा परिस्थितियों का हवाला देते हुए इसकी प्राथमिकता पर सवाल उठाया है।
इस मुद्दे ने एक बार फिर बिहार में बाढ़ राहत और सरकारी कार्यक्रमों की प्राथमिकता को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है।