31 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में पप्पू यादव गिरफ्तार, समर्थकों के जमा होने से तनावपूर्ण स्थिति
बिहार की राजनीति में फिर हलचल मच गई है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को 31 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में पटना पुलिस ने उनके आवास से गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार करने के लिए अधिकारियों को करीब तीन घंटे की मशक़्कत करनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार, यह मामला 1995 का है, जिसमें पप्पू यादव और दो अन्य व्यक्तियों पर मकान धोखाधड़ी का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने धोखाधड़ी करके मकान किराए पर लिया था। लंबे समय तक कोर्ट में पेश न होने और लगातार अनुपस्थिति के कारण MP-MLA कोर्ट ने उनके खिलाफ कुर्की और जब्ती का आदेश जारी किया था।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार की रात पप्पू यादव के आवास पर पहुंचकर गिरफ्तारी का प्रयास किया गया। शुरू में सांसद और उनके समर्थकों ने गिरफ्तारी का विरोध किया। लगभग तीन घंटे की वार्ता और मशक़्कत के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता पाई।
गرفتारी के तुरंत बाद पप्पू यादव के समर्थक उनके आवास के आसपास जमा हो गए। स्थिति तनावपूर्ण हो गई और स्थानीय प्रशासन को नियंत्रण बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि किसी तरह के झगड़े या हिंसा को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई थी।
पुलिस ने कहा कि अगली सुनवाई 7 फरवरी 2026 को होगी, जिसमें कोर्ट आगे की कार्रवाई तय करेगी। इस दौरान पप्पू यादव को कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में रखा गया है। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार के कानून-उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। समर्थकों और विरोधियों के बीच स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना यह दिखाती है कि कानून किसी भी व्यक्ति, चाहे वह राजनीतिक रूप से कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, के लिए समान रूप से लागू होता है।
स्थानीय प्रशासन ने शहर में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए हैं। उन्होंने क्षेत्रीय लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांतिपूर्ण बने रहें। पुलिस ने बताया कि पप्पू यादव के आवास और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, पप्पू यादव के खिलाफ लंबित यह मामला वर्षों से कोर्ट में विचाराधीन था। जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद कोर्ट ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया। यह गिरफ्तारी पुराने मामलों में कानून की गंभीरता और जवाबदेही की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
इस कार्रवाई ने न केवल राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है, बल्कि आम जनता में भी कानून और न्याय प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाई है। राजनीतिक और सामाजिक विशेषज्ञ इसे लंबित मामलों में सख्त कार्रवाई का उदाहरण बता रहे हैं।
पटना पुलिस का कहना है कि सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई और आगे की सुनवाई में सभी कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।