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ट्रैफिक सुधार की कागजी रणनीति धरातल पर विफल, शहर में भीषण जाम की समस्या

 

मुजफ्फरपुर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की कागजी रणनीतियाँ अब धरातल पर विफल दिख रही हैं। शहर के प्रमुख इलाकों जैसे अखाड़ाघाट पुल, सरैयागंज, अघोरिया बाजार और अन्य व्यस्त मार्गों पर प्रतिदिन भीषण जाम की समस्या आम हो गई है।

शहरवासियों का कहना है कि सुबह और शाम के समय इन मार्गों पर ट्रैफिक लगभग ठप हो जाता है। इससे न केवल सामान्य नागरिकों को दिक्कत होती है, बल्कि आवागमन और व्यवसायिक गतिविधियों पर भी असर पड़ता है। कई लोग कार्यस्थल पहुँचने में देर हो जाने की शिकायत कर रहे हैं।

नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस ने कई योजनाएं बनाई थीं, जैसे सिग्नल सिस्टम सुधार, रोड मार्किंग और वाहनों के लिए निर्धारित मार्ग, लेकिन इनका प्रभाव धरातल पर देखने को नहीं मिला। ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “शहर में बढ़ते वाहनों की संख्या और सड़क अवसंरचना की सीमितता के कारण जाम की समस्या लगातार बढ़ रही है।”

विशेषज्ञों का कहना है कि मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में सड़क चौड़ाई, पार्किंग की कमी और अनुचित मार्गदर्शन के कारण जाम होना स्वाभाविक है। इसके समाधान के लिए केवल कागजी योजनाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि भौतिक सुधार और सख्त ट्रैफिक नियमों की आवश्यकता है।

स्थानीय लोग बता रहे हैं कि अक्सर वाहन ओवरलोडिंग, गलत दिशा में गाड़ी चलाना और फुटपाथ पर पार्किंग जैसी आदतें भी जाम बढ़ाने का प्रमुख कारण हैं। कुछ नागरिकों ने यह भी सुझाव दिया कि अधिक से अधिक फ्लाईओवर, सिग्नल सिस्टम और डिजिटल ट्रैफिक मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाए।

नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस अब योजना बना रही है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए और जाम को नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक मार्गों का निर्माण किया जाए। इसके अलावा, लोगों को भी सुरक्षित और निर्धारित मार्गों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर शहर में ट्रैफिक जाम को स्थायी रूप से कम करना है तो सड़क विकास, सार्वजनिक परिवहन सुधार और नागरिकों की भागीदारी जरूरी है। केवल दस्तावेजों में योजनाएं बनाने से समस्या हल नहीं होगी।

मुजफ्फरपुर में ट्रैफिक की यह समस्या न केवल लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रही है, बल्कि शहर की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों पर भी असर डाल रही है। नागरिक उम्मीद कर रहे हैं कि नगर निगम और ट्रैफिक विभाग जल्द ठोस कदम उठाएंगे।

इस स्थिति में स्पष्ट है कि कागजी रणनीतियों को धरातल पर उतारना ही मुजफ्फरपुर की ट्रैफिक समस्या का वास्तविक समाधान हो सकता है। वरना शहर में भीड़ और जाम की समस्या आने वाले समय में और गंभीर रूप ले सकती है।