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139 माध्यमिक और इंटर कॉलेजों के अनुदान भुगतान की जांच का आदेश

 

बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य के 35 जिलों के 139 माध्यमिक स्कूलों और इंटर कालेजों में वित्तीय अनियमितताओं की संभावना को देखते हुए गहन जांच का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई 2007-08 और 2008-09 में 14 वित्त पोषित माध्यमिक और इंटर कॉलेजों के अनुदान भुगतान की समीक्षा के लिए की गई है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर. ने संबंधित जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिए हैं कि वे एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट में उन कॉलेजों के सभी वित्तीय दस्तावेज, अनुदान भुगतान रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेज शामिल किए जाने हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनुदान राशि का सही और पारदर्शी उपयोग हुआ है या नहीं। इसके तहत यह देखा जाएगा कि संबंधित वर्षों में कॉलेजों को मिले अनुदान का सही इस्तेमाल शिक्षा और संस्थागत विकास के लिए हुआ या अन्य किसी दिशा में गया।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को बनाए रखना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम शिक्षा विभाग की सख्त निगरानी और वित्तीय जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने अनुदान भुगतान की इस तरह की पुनः समीक्षा से न केवल वित्तीय पारदर्शिता बढ़ती है, बल्कि यह भविष्य में अनुदान वितरण की प्रक्रिया को और मजबूत बनाती है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि शिक्षा के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग सही दिशा में हो।

इस जांच में प्रत्येक जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे संबंधित कॉलेजों के वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट, छात्र लाभ योजनाओं के खर्च और अनुदान संबंधित अन्य दस्तावेज को समीक्षा के दायरे में रखें। जांच के दौरान किसी भी अनियमितता, गड़बड़ी या कागजी काम में त्रुटि को तुरंत रिपोर्ट किया जाएगा।

सज्जन आर. ने यह भी कहा कि जांच में सहयोग न करने वाले कॉलेजों और अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम राज्य के शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

इस आदेश के बाद संबंधित जिलों और कॉलेजों में चेतावनी और सतर्कता का माहौल बन गया है। सभी प्रशासनिक अधिकारी और स्कूल प्रबंधन अब इस जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं और उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर पूरी रिपोर्ट जमा कर दी जाएगी।

इस प्रकार, बिहार सरकार की यह पहल शिक्षा और वित्तीय जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। 139 माध्यमिक और इंटर कॉलेजों के अनुदान भुगतान की जांच न केवल पुरानी अनियमितताओं का पता लगाएगी, बल्कि भविष्य में अनुदान वितरण और उपयोग को भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने में मदद करेगी।