पहलगाम आतंकी हमले को एक साल पूरा, आईबी अधिकारी मनीष रंजन की शहादत की याद में भावुक हुआ परिवार
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले को आज एक साल पूरा हो गया है, लेकिन इस घटना की टीस आज भी पीड़ित परिवारों के दिलों में ताजा है। इस हमले में कुल 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें एक इंटेलिजेंस ब्यूरो (इंटेलिजेंस ब्यूरो) के अधिकारी मनीष रंजन भी शामिल थे।
यह घटना उस समय पूरे देश को झकझोर देने वाली बन गई थी। आतंकियों द्वारा किए गए इस हमले में कई निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। मनीष रंजन, जो अपनी ड्यूटी के सिलसिले में पहलगाम गए थे, उसी हमले का शिकार हो गए।
एक साल बाद भी मनीष रंजन का परिवार इस दुख से पूरी तरह उबर नहीं पाया है। परिजनों के अनुसार, उनके जाने का दर्द आज भी उतना ही गहरा है जितना पहले दिन था। परिवार के सदस्य जब भी मनीष की बात करते हैं, तो उनकी आंखें नम हो जाती हैं और माहौल भावुक हो उठता है।
परिजनों का कहना है कि मनीष रंजन न केवल एक जिम्मेदार अधिकारी थे, बल्कि परिवार के लिए मजबूत सहारा भी थे। उनकी अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार की जिंदगी को बदल कर रख दिया है। आज भी उनकी यादें घर में हर पल महसूस की जाती हैं।
हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक जांच शुरू की थी और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी। लेकिन पीड़ित परिवारों के लिए यह न्याय और दर्द का संतुलन अब भी अधूरा है।
देशभर में इस घटना की बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। लोग सोशल मीडिया पर भी मनीष रंजन और अन्य शहीदों को याद कर रहे हैं और उनके बलिदान को सलाम कर रहे हैं।
परिवार का कहना है कि वे चाहते हैं कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और देश में शांति और सुरक्षा बनी रहे। उनके अनुसार, यह केवल उनका नहीं बल्कि पूरे देश का नुकसान है।
आज एक साल बाद भी पहलगाम हमले की यादें लोगों के मन में ताजा हैं और मनीष रंजन जैसे शहीदों की कुर्बानी हमेशा याद रखी जाएगी।