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महाशिवरात्रि पर भागलपुर में मां पार्वती का शृंगार इस बार बेहद खास, रैन ड्राप चूड़ियां और कश्मीरी झुमके बनेंगे आकर्षण का केंद्र

 

 भागलपुर में इस बार महाशिवरात्रि पर्व पर मां पार्वती का शृंगार सामान्य से कहीं अधिक भव्य और आकर्षक होगा। स्थानीय मंदिरों में तैयारियों का दौर जोरों पर है और श्रद्धालु इस अवसर को लेकर बेहद उत्साहित हैं। इस बार विशेष रूप से मां पार्वती के लिए रैन ड्राप चूड़ियां, कश्मीरी बैंगल और झुमके सजाए जाएंगे, जो दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचेंगे।

रैन ड्राप चूड़ियां अपनी चमक और हल्केपन के कारण इस बार की सजावट का प्रमुख आकर्षण होंगी। जानकारों का कहना है कि हल्की होने के कारण ये चूड़ियां पहनने में आसान हैं और पारंपरिक भारतीय श्रृंगार को आधुनिक टच देती हैं। इसके साथ ही कश्मीरी बैंगल और झुमके भी मां पार्वती के श्रृंगार को और भी भव्य बनाएंगे।

भागलपुर के प्रमुख मंदिरों में इस अवसर के लिए विशेष पूजा और आरती का आयोजन किया जाएगा। बनारस से पंडित भी आएंगे, जो विशेष गंगा आरती और पूजा संपन्न करेंगे। पंडितों की उपस्थिति से पूजा में धार्मिक आस्था और विधिपूर्वक विधानों का महत्व बढ़ जाएगा।

महाशिवरात्रि पर भव्य झांकी और महादेव की बारात भी निकाली जाएगी। यह परंपरा शहर में लंबे समय से चली आ रही है और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहती है। लोग रातभर जागरण करेंगे, भजन और कीर्तन में शामिल होंगे और मंदिर परिसर में उत्सव का आनंद लेंगे।

इस बार कजरैली के तेतरहार में स्थित नए मंदिर में विशेष रूप से मां पार्वती की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। मंदिर के पुजारी और स्थानीय समिति ने बताया कि इस अवसर को भव्य रूप से मनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर परिसर को फूलों, रोशनी और रंगीन सजावट से सजाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव और उत्सव का आनंद दोनों मिलेगा।

स्थानीय प्रशासन ने भी महाशिवरात्रि पर होने वाले बड़े उत्सव को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंदिर और आसपास के इलाकों में पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूजा-अर्चना में भाग ले सकें। साथ ही, मंदिर प्रबंधन ने संक्रमण और भीड़ नियंत्रण को लेकर विशेष दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।

श्रद्धालु इस अवसर को लेकर विशेष उत्सुकता दिखा रहे हैं। वे कहते हैं कि मां पार्वती का शृंगार हर साल अलग होता है, लेकिन इस बार की सजावट और नए मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा उन्हें और भी उत्साहित कर रही है। स्थानीय व्यवसायियों ने भी इस अवसर को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक पूजा सामग्री, सजावट के सामान और झुमके-चूड़ियों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की है।

इस प्रकार, भागलपुर में इस बार महाशिवरात्रि पर्व धार्मिक उत्सव और भव्य सजावट का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करेगा। रैन ड्राप चूड़ियां, कश्मीरी झुमके और भव्य झांकी के साथ-साथ नए मंदिर में पार्वती की प्राण प्रतिष्ठा इसे श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाती है।