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पितृ दिवाली पर हजारों दीपों से जगमगाया गया फल्गु तट, देवघाट पर 21 पीढ़ियों के पितरों का हुआ पिंडदान

 

बिहार के गयाजी में पितृ दिवाली के अवसर पर फल्गु नदी का तट हजारों दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। इस अवसर पर देवघाट पर श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के साथ पिंडदान किया। धार्मिक आयोजन में देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। दीपों की रोशनी और पूजा-अर्चना के बीच फल्गु तट पर भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।

21 पीढ़ियों के पितरों के लिए किया पिंडदान

पितृ दिवाली के अवसर पर देवघाट में श्रद्धालुओं ने 21 पीढ़ियों के पितरों के निमित्त पिंडदान और तर्पण किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गया में पिंडदान करने का विशेष महत्व है। यहां देश के विभिन्न हिस्सों से लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए पहुंचते हैं।

श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ धार्मिक अनुष्ठान किए और अपने पितरों को याद किया। पुरोहितों के मार्गदर्शन में पिंडदान और तर्पण की प्रक्रिया संपन्न कराई गई।

हजारों दीपों से रोशन हुआ फल्गु तट

पितृ दिवाली के मौके पर फल्गु नदी के तट पर हजारों दीप जलाए गए। दीपों की रोशनी से घाट का वातावरण आकर्षक हो गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट की और धार्मिक परंपराओं में भाग लिया।

दीपदान को लेकर घाट पर विशेष उत्साह दिखाई दिया। धार्मिक आस्था से जुड़े इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ दूसरे राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भी हिस्सा लिया।

देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु

गयाजी लंबे समय से पितृ कर्म और पिंडदान के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल रहा है। यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान करने आते हैं। पितृ दिवाली के आयोजन ने एक बार फिर इस धार्मिक परंपरा के महत्व को सामने रखा।

श्रद्धालुओं के आगमन से देवघाट और फल्गु तट पर चहल-पहल बनी रही। लोगों ने पूजा-पाठ और पिंडदान के माध्यम से अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

पितरों की शांति के लिए विशेष धार्मिक आयोजन

हिंदू धार्मिक मान्यताओं में पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने, तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा का विशेष महत्व है। गया में किए जाने वाले पितृ कर्म को लेकर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। इसी आस्था के चलते देश के अलग-अलग क्षेत्रों से लोग यहां पहुंचते हैं।

पितृ दिवाली के अवसर पर आयोजित दीपदान और पिंडदान कार्यक्रम ने फल्गु तट को धार्मिक रंग में रंग दिया। हजारों दीपों से जगमगाते घाट का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।