जांच एजेंसियों के रडार पर कई विभागों के अधिकारी-कर्मी, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच तेज
राज्य में कथित अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के दायरे में अब कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी और कर्मचारी आ गए हैं। जांच एजेंसियों ने विभिन्न परियोजनाओं और सरकारी कार्यों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल शुरू कर दी है।
कई विभाग जांच के घेरे में
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी के निशाने पर जल संसाधन विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग और भवन निर्माण विभाग के तत्कालीन अधिकारी एवं कर्मचारी हैं। इसके अलावा नगर विकास विभाग के तहत कार्य करने वाली एजेंसी बुडको (BUDCO) और स्वास्थ्य विभाग की एजेंसी बीएमएसआईसीएल (BMSICL) से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुराने कार्यों और परियोजनाओं की हो रही समीक्षा
जांच एजेंसियां विभिन्न सरकारी परियोजनाओं, टेंडर प्रक्रियाओं, निर्माण कार्यों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की समीक्षा कर रही हैं। कई मामलों में दस्तावेजों का मिलान और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी भी की जा रही है।
तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका पर फोकस
जांच का मुख्य फोकस उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर है, जो संबंधित अवधि के दौरान महत्वपूर्ण पदों पर तैनात थे। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में कहीं नियमों का उल्लंघन या वित्तीय अनियमितता तो नहीं हुई।
दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल
सूत्रों का कहना है कि कई विभागों से फाइलें, स्वीकृति पत्र, भुगतान रिकॉर्ड और परियोजनाओं से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
आगे बढ़ सकती है कार्रवाई
जांच में यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी या जिम्मेदारी तय होती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी तथा विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल एजेंसियां साक्ष्य जुटाने और रिकॉर्ड की जांच में जुटी हुई हैं।
यह मामला प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि जांच का दायरा कई महत्वपूर्ण विभागों और सरकारी एजेंसियों तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।