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अब क्रेडिट बीजेपी लेगी, लड़ाई लालू यादव ने लड़ी; तेजस्वी ने बताई जाति जनगणना की क्रोनोलॉजी

 

बुधवार (30 अप्रैल) को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने जाति आधारित जनगणना कराने का फैसला किया। अब इसको लेकर सभी दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है. तेजस्वी यादव ने कहा कि यह हमारी 30 साल पुरानी मांग है और यह हमारे पूर्वजों और समाजवादियों की जीत है। यह लालू यादव की जीत है.

तेजस्वी यादव ने कहा, "पहले हम बिहार की टीम के साथ पीएम से मिलने गए थे लेकिन तब पीएम ने मना कर दिया था, लेकिन आज हमारी ताकत देखिए और समाजवादी पार्टी की ताकत देखिए कि उन्हें हमारे एजेंडे पर काम करना पड़ेगा।" आगामी लड़ाई का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा, "हमारी मांग होगी कि जिस तरह देश के विधानसभा चुनावों में दलित और आदिवासी भाइयों के लिए आरक्षित सीटें हैं, उसी तरह पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों के लिए भी आरक्षित सीटें होनी चाहिए।"

चिराग पासवान के श्रेय लेने पर तेजस्वी ने क्या कहा?

वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने श्रेय लेने को लेकर तेजस्वी यादव पर पलटवार किया है। चिराग पासवान ने कहा, "जो कोई भी श्रेय लेना चाहता है, ले ले, लेकिन ये वही लोग हैं जो हम पर और हमारे प्रधानमंत्री पर उंगली उठा रहे थे और कह रहे थे कि हम जाति आधारित जनगणना नहीं करेंगे। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह इस देश की बहुसंख्यक आबादी की इच्छा है। मेरे प्रधानमंत्री ने उनकी इच्छाओं और भावनाओं का उचित सम्मान किया है।"

वहीं चिराग पासवान ने जाति जनगणना को ऐतिहासिक फैसला बताया. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि ये हमारी लंबे समय से इच्छा और मांग थी, आज प्रधानमंत्री ने देश के प्रत्येक नागरिक की इच्छा पूरी की है। आज एक बार फिर ये सिद्ध हो गया है कि हमारी सरकार हर वो फैसला लेगी जो लोगों के हित में हो, गरीबों के हित में हो।"