न ब्रांडिंग, न विज्ञापन... फिर भी मशहूर हुआ ‘कॉकरोच कैफे’, इंस्टाग्राम रील से मिली पहचान; 99 रुपये के अंदर मिलती हैं सभी डिश
आज के दौर में किसी भी बिजनेस को पहचान दिलाने के लिए लोग लाखों रुपये विज्ञापन और ब्रांडिंग पर खर्च करते हैं, लेकिन एक कैफे ऐसा भी है जो बिना किसी प्रचार के सिर्फ अपने अनोखे नाम की वजह से चर्चा में आ गया। यह है ‘कॉकरोच कैफे’, जिसने सोशल मीडिया पर अपनी अलग पहचान बना ली है।
इस कैफे की शुरुआत एक अलग सोच के साथ की गई थी। कैफे के मालिक ने ऐसा नाम चुना, जो सुनने में अजीब जरूर लगता है, लेकिन लोगों की उत्सुकता बढ़ा देता है। यही अनोखा नाम धीरे-धीरे इसकी सबसे बड़ी पहचान बन गया और लोग इसे देखने व खाने के लिए पहुंचने लगे।
बताया जा रहा है कि कैफे का नाम रखने का आइडिया इंस्टाग्राम पर वायरल हो रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम की एक रील देखकर आया। रील से प्रेरित होकर कैफे के लिए ‘कॉकरोच’ नाम चुना गया। शुरुआत में लोगों को यह नाम हैरान करने वाला लगा, लेकिन बाद में यही नाम कैफे की लोकप्रियता की वजह बन गया।
खास बात यह है कि कैफे ने अपनी पहचान बनाने के लिए न तो बड़े स्तर पर विज्ञापन किए और न ही किसी तरह की महंगी ब्रांडिंग का सहारा लिया। सोशल मीडिया यूजर्स और ग्राहकों के अनुभवों के कारण इसका प्रचार अपने आप होता चला गया। लोग यहां खाने के साथ-साथ अनोखे नाम के साथ तस्वीरें और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर करने लगे।
कैफे की एक और खासियत यहां का किफायती मेन्यू है। यहां मिलने वाली सभी डिश की कीमत 99 रुपये के अंदर रखी गई है। कम कीमत में स्वादिष्ट खाना मिलने के कारण युवाओं और छात्रों के बीच यह जगह तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
कैफे संचालकों का कहना है कि उनका उद्देश्य लोगों को अच्छा खाना किफायती दामों पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि सिर्फ नाम की वजह से उनका कैफे इतना चर्चा में आ जाएगा। ग्राहकों की बढ़ती संख्या ने उनके इस प्रयोग को सफल बना दिया है।
सोशल मीडिया के दौर में यह कैफे इस बात का उदाहरण बन गया है कि कई बार किसी बिजनेस को पहचान दिलाने के लिए भारी-भरकम प्रचार की जरूरत नहीं होती। एक अलग सोच, अनोखा आइडिया और ग्राहकों का भरोसा भी किसी ब्रांड को लोकप्रिय बना सकता है। ‘कॉकरोच कैफे’ की कहानी इसी बदलाव को दिखाती है, जहां एक अजीब सा नाम आज लोगों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है।