NIA Action: कंबोडिया साइबर स्लेवरी रैकेट पर शिकंजा, बिहार-UP और दिल्ली में छापेमारी; दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मानव तस्करी और साइबर स्लेवरी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में छह ठिकानों पर छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह गिरोह भारतीय युवाओं को नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजता था, जहां उन्हें जबरन साइबर धोखाधड़ी जैसे अपराधों में शामिल किया जाता था।
NIA की इस कार्रवाई से भारत से विदेशों तक फैले मानव तस्करी और ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। एजेंसी अब जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच कर रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
नौकरी का लालच देकर विदेश भेजे जाते थे युवा
जांच में सामने आया है कि साइबर स्लेवरी रैकेट से जुड़े लोग बेरोजगार युवाओं को अच्छी नौकरी और बेहतर वेतन का लालच देते थे। इसके बाद उन्हें कंबोडिया भेजा जाता था।
विदेश पहुंचने के बाद युवाओं को कथित तौर पर उनकी इच्छा के खिलाफ साइबर ठगी के काम में लगाया जाता था। उनसे ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल और डिजिटल अपराधों को अंजाम देने के लिए मजबूर किया जाता था।
NIA ने कई जगहों पर की छापेमारी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीमों ने बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने कई दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण अपने कब्जे में लिए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों से गिरोह की कार्यप्रणाली और विदेशों में बैठे इसके संपर्कों की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क पर नजर
पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध के मामलों में तेजी आई है। कई गिरोह विदेशों में बैठकर भारतीय नागरिकों को निशाना बनाते हैं और बेरोजगारी का फायदा उठाकर युवाओं को अवैध गतिविधियों में फंसा लेते हैं।
सुरक्षा एजेंसियां ऐसे नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। NIA पहले भी विदेशों से जुड़े मानव तस्करी और साइबर अपराध के मामलों में कार्रवाई कर चुकी है।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
NIA अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कितने युवाओं को इस तरह कंबोडिया भेजा गया और इस रैकेट में देश-विदेश के कितने लोग शामिल हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मानव तस्करी और साइबर अपराध के इस गठजोड़ ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। NIA की कार्रवाई से उम्मीद है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और युवाओं को फर्जी नौकरी के जाल से बचाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।