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नवादा के निजी अस्पताल में महिला की मौत के बाद बवाल, परिजनों ने की तोड़फोड़; 12 हिरासत में

 

बिहार के नवादा जिले में एक निजी अस्पताल में महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ने और मौत होने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में पहुंचकर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में भीड़ जुट गई और लोगों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और करीब 12 लोगों को हिरासत में लिया गया।

मामला नवादा नगर थाना क्षेत्र के सद्भावना चौक के पास स्थित मेट्रो हॉस्पिटल का है। मृतका की पहचान नेमदारगंज थाना क्षेत्र के मनका गांव निवासी लालजी चौहान की करीब 40 वर्षीय पत्नी गीता देवी के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, गीता देवी को बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार सुबह करीब सात बजे उनका ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और शाम करीब पांच बजे उनकी मौत हो गई।

मौत की खबर मिलते ही अस्पताल पहुंचे परिजन

महिला की मौत की सूचना मिलने के बाद उसके परिजन और गांव के लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया। कुछ ही देर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई और आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी।

हंगामे के दौरान अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मारपीट किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस के अलावा आसपास के थानों की पुलिस और पुलिस लाइन से स्वॉट टीम को मौके पर भेजा गया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।

पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया

पुलिस के पहुंचने के बाद भीड़ को मौके से हटाया गया। तोड़फोड़ और उपद्रव में शामिल करीब दर्जन भर लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सदर एसडीपीओ-01 अभिषेक कुमार ने बताया कि महिला की मौत के बाद पुलिस अस्पताल पहुंची थी और मृतका की इन्क्वेस्ट प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में गांव के लोग वहां पहुंचे और हंगामा शुरू हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।

आयुष्मान कार्ड के बावजूद पैसे लेने का आरोप

परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही के साथ-साथ आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद 15 हजार रुपये लेने का भी आरोप लगाया है। उनका दावा है कि आयुष्मान योजना के तहत भुगतान से संबंधित मैसेज भी उनके मोबाइल पर आया था। परिजनों ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर जांच कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। महिला की मौत की वास्तविक वजह और इलाज में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की तैनाती भी की गई है।