राजगीर और गिरियक में 6 सितंबर को होगा नेचर वॉक, जैव विविधता संरक्षण के लिए लोगों को किया जाएगा जागरूक
बिहार के नालंदा जिले में प्राकृतिक विरासत और जैव विविधता के संरक्षण को लेकर एक खास पहल की जा रही है। राजगीर और गिरियक क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को बचाने और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मगध नेचर कंजर्वेशन ट्रस्ट की ओर से 6 सितंबर को 'मंथली नेचर वॉक' का आयोजन किया जाएगा।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को क्षेत्र की प्राकृतिक खूबसूरती, वन्यजीवों और जैव विविधता से परिचित कराना है। नेचर वॉक के दौरान प्रतिभागियों को राजगीर और गिरियक के जंगलों, पहाड़ियों और प्राकृतिक क्षेत्रों में मौजूद विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों, पक्षियों और जीव-जंतुओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
मगध नेचर कंजर्वेशन ट्रस्ट के सदस्यों ने बताया कि राजगीर क्षेत्र प्राकृतिक और ऐतिहासिक दोनों दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां की पहाड़ियां, जंगल और वन्यजीव क्षेत्र की अनमोल धरोहर हैं। लगातार बढ़ते पर्यावरणीय दबाव के बीच इन प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए आम लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है।
आयोजन के दौरान विशेषज्ञों और पर्यावरण प्रेमियों की ओर से प्रतिभागियों को जैव विविधता के महत्व के बारे में बताया जाएगा। साथ ही यह भी समझाया जाएगा कि स्थानीय स्तर पर छोटे-छोटे प्रयासों के जरिए पर्यावरण संरक्षण में किस तरह योगदान दिया जा सकता है।
ट्रस्ट का मानना है कि प्रकृति को करीब से समझने के लिए लोगों का जंगल और प्राकृतिक क्षेत्रों से जुड़ना जरूरी है। नेचर वॉक जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा सकती है।
राजगीर और गिरियक क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए पहले से ही प्रसिद्ध हैं। यहां कई दुर्लभ प्रजातियों के पेड़-पौधे और पक्षी पाए जाते हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों के संरक्षण और संवर्धन के लिए जागरूकता कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मगध नेचर कंजर्वेशन ट्रस्ट ने पर्यावरण प्रेमियों, विद्यार्थियों और प्रकृति में रुचि रखने वाले लोगों से इस मंथली नेचर वॉक में शामिल होने की अपील की है। संस्था का उद्देश्य आने वाले समय में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को प्रकृति संरक्षण से जोड़ना है।