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डिजिटल युग में उपभोक्ताओं को राहत, पटना में शुरू हुई नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन

 

डिजिटल दौर में ऑनलाइन खरीदारी, बीमा, बैंकिंग, ई-कॉमर्स और विभिन्न सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी और सेवा में लापरवाही की शिकायतें भी लगातार बढ़ रही हैं। पहले ऐसे मामलों में न्याय पाने के लिए उपभोक्ताओं को कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी। लेकिन अब बिहार की राजधानी पटना में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की पहल पर नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) की शुरुआत की गई है।

नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन के माध्यम से अब उपभोक्ता अपनी शिकायतें बेहद आसान तरीके से दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए न तो वकील की जरूरत है और न ही किसी जटिल कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा। ग्राहक फोन कॉल, व्हाट्सएप या उमंग (UMANG) ऐप के जरिए अपनी शिकायत सीधे दर्ज कर सकते हैं। शिकायत दर्ज होते ही संबंधित कंपनी या सेवा प्रदाता तक मामला पहुंचाया जाता है और समाधान की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, NCH का उद्देश्य उपभोक्ताओं को त्वरित और सरल न्याय दिलाना है। यह हेल्पलाइन बीमा, ई-कॉमर्स, रेलवे, अस्पताल, बैंकिंग, मोबाइल सेवा प्रदाता, ट्रैवल एजेंसी सहित कई क्षेत्रों से जुड़ी शिकायतों का समाधान कर रही है। कई मामलों में उपभोक्ताओं को कुछ ही दिनों के भीतर राहत मिल रही है, जिससे इस प्रणाली पर लोगों का भरोसा बढ़ रहा है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए NCH की भूमिका और भी अहम हो गई है। ऑनलाइन शॉपिंग में गलत सामान मिलने, रिफंड न मिलने, बीमा क्लेम अटकने, अस्पतालों में मनमाना बिल वसूलने या रेलवे सेवाओं में लापरवाही जैसी शिकायतें अब सीधे हेल्पलाइन पर दर्ज की जा सकती हैं। शिकायत मिलने के बाद NCH संबंधित कंपनी से जवाब मांगती है और दोनों पक्षों के बीच समन्वय कर समाधान निकालने का प्रयास करती है।

अधिकारियों ने बताया कि नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पूरी तरह पारदर्शी प्रणाली पर काम करती है। उपभोक्ता अपनी शिकायत की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक भी कर सकते हैं। इससे शिकायतकर्ता को यह जानकारी मिलती रहती है कि उसका मामला किस स्तर पर है और कब तक समाधान होने की संभावना है।

पटना में NCH की शुरुआत के बाद उपभोक्ताओं में जागरूकता भी बढ़ी है। बड़ी संख्या में लोग इस हेल्पलाइन के माध्यम से अपनी समस्याएं दर्ज करा रहे हैं। विभाग का मानना है कि इससे न केवल उपभोक्ताओं को न्याय मिलेगा, बल्कि सेवा प्रदाताओं में भी जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी।