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दरभंगा में कथावाचक पर नाबालिग से यौन उत्पीड़न का आरोप, गिरफ्तार, गुरु मौनी बाबा फरार

 

बिहार के दरभंगा जिले से एक चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने धार्मिक और सामाजिक हलकों में सनसनी फैला दी है। यहां एक कथावाचक को नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले में कथावाचक का गुरु मौनी बाबा फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी कथावाचक लंबे समय से इलाके में धार्मिक कथाएं सुनाने का कार्य करता था और इसी दौरान उसका संपर्क पीड़ित नाबालिग से हुआ। आरोप है कि धार्मिक आस्था और विश्वास का फायदा उठाकर उसने नाबालिग के साथ आपत्तिजनक हरकतें कीं। पीड़िता ने जब इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी, तब मामला सामने आया।

परिजनों की शिकायत के बाद स्थानीय थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कथावाचक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर हैं और मामले की गहन जांच की जा रही है।

इस पूरे मामले में कथावाचक का गुरु मौनी बाबा भी संदेह के घेरे में है। पुलिस का कहना है कि मौनी बाबा को घटना की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने इसे छिपाने की कोशिश की और आरोपी को संरक्षण दिया। घटना के बाद से ही मौनी बाबा फरार हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी है और जल्द ही उन्हें पकड़ने का दावा किया जा रहा है।

घटना सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। लोगों का कहना है कि धर्म और आस्था के नाम पर इस तरह के कृत्य समाज को शर्मसार करते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिग पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया जा रहा है और मेडिकल जांच भी कराई गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी कथावाचक ने पहले भी किसी और के साथ ऐसी हरकत तो नहीं की।

महिला एवं बाल अधिकार संगठनों ने भी इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। संगठनों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए समाज को और सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर ऐसे मामलों में जहां आरोपी धार्मिक पहचान का सहारा लेते हैं।

यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि धार्मिक मंचों और संस्थानों में निगरानी और जवाबदेही कितनी जरूरी है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और फरार गुरु मौनी बाबा की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई और राज खुलने की आशंका जताई जा रही है।