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‘मेरा बेटा पढ़ाई के अलावा कुछ नहीं जानता’, पुलिस कार्रवाई में पकड़े गए अभिषेक की मां ने लगाई रिहाई की गुहार

 

परीक्षा देकर घर लौट रहे एक छात्र को पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद उसके परिवार ने रिहाई की मांग की है। छात्र की मां ने भावुक अपील करते हुए कहा कि उनका बेटा सीधा-सादा है और उसका ध्यान केवल पढ़ाई पर रहता है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर बेटे को जल्द छोड़ने की गुहार लगाई है।

मां ने बेटे को बताया निर्दोष

छात्र अभिषेक की मां ने कहा, “मेरा बेटा अभिषेक सीधा-साझा लड़का है। पढ़ाई-लिखाई के अलावा वह किसी चीज पर ध्यान नहीं देता है।” उन्होंने बताया कि 23 जुलाई को अभिषेक परीक्षा देकर घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

मां का कहना है कि उनका बेटा किसी प्रदर्शन या हिंसक गतिविधि में शामिल नहीं था। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से अपील की है कि पूरे मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए।

परीक्षा देकर लौटते समय पकड़े जाने का आरोप

परिवार के अनुसार, अभिषेक परीक्षा खत्म होने के बाद अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस की कार्रवाई में वह पकड़ा गया। इसके बाद से परिवार लगातार उसकी रिहाई के लिए प्रयास कर रहा है। परिजनों का कहना है कि अचानक हुई इस कार्रवाई से वे काफी परेशान हैं।

प्रदर्शनकारियों और परीक्षार्थियों पर हुई कार्रवाई

बता दें कि हाल ही में परीक्षा और अन्य मुद्दों को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसी क्रम में कुछ परीक्षार्थियों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमों के अनुसार कार्रवाई की गई है।

परिवार ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

अभिषेक की मां ने कहा कि अगर उनके बेटे से कोई गलती हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए, लेकिन बिना वजह उसे परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि बेटे की स्थिति को देखते हुए उसे जल्द रिहा किया जाए।

पुलिस जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट

फिलहाल मामले को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

परिवार को उम्मीद है कि जांच में सच्चाई सामने आएगी और अभिषेक को जल्द राहत मिलेगी। वहीं, प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।