मुजफ्फरपुर में 8 साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
बिहार के मुजफ्फरपुर में आठ साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पुलिस की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
इस फैसले के बाद बच्चियों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में न्यायिक कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है। पॉक्सो कोर्ट ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद अपना फैसला सुनाया।
पुलिस के साक्ष्य और गवाहों के बयान बने आधार
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए। अदालत ने इन साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सही पाया और उसे दोषी ठहराया।
इसके बाद मुजफ्फरपुर स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने दोषी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 30 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
पॉक्सो कानून के तहत सुनाया फैसला
बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए पॉक्सो कानून बनाया गया है। इस कानून के तहत बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई विशेष अदालतों में की जाती है। मुजफ्फरपुर की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने भी इसी कानून के तहत मामले की सुनवाई करते हुए सजा सुनाई।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने दोषी को 20 साल की जेल और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। मामले में पीड़िता की पहचान से जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक करना कानूनन प्रतिबंधित है।