मुजफ्फरपुर में साइबर ठगी का शर्मनाक मामला, किडनी दान करने वाली महिला के खाते से उड़ाए 6 लाख
बिहार के Muzaffarpur में साइबर अपराध का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक महिला, जिसने हाल ही में अपने पति की जान बचाने के लिए उन्हें किडनी दान की थी, साइबर ठगों का शिकार बन गई। अपराधियों ने महिला की बेटी की शादी के लिए जमा किए गए करीब 6 लाख रुपये खाते से उड़ा लिए।
जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार पहले से ही आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों से गुजर रहा था। महिला ने कुछ समय पहले अपने पति को किडनी दान की थी, जिसके बाद परिवार इलाज और घरेलू जिम्मेदारियों में व्यस्त था। इसी बीच साइबर अपराधियों ने बेहद शातिर तरीके से परिवार को निशाना बना लिया।
परिजनों के मुताबिक ठगों ने पहले महिला का मोबाइल सिम ब्लॉक करवा दिया। इसके बाद बैंक खाते से जुड़ी जानकारी और ओटीपी का दुरुपयोग कर खाते से लाखों रुपये निकाल लिए गए। जब तक परिवार को इस धोखाधड़ी की जानकारी मिली, तब तक पूरी रकम खाते से ट्रांसफर की जा चुकी थी।
पीड़ित महिला ने बताया कि यह रकम बेटी की शादी के लिए वर्षों की मेहनत और बचत से जमा की गई थी। अचानक पूरी जमा पूंजी खत्म हो जाने से परिवार गहरे सदमे में है। घटना के बाद परिवार ने पुलिस और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और लेनदेन से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों तक पहुंचने के लिए डिजिटल ट्रेल और बैंकिंग रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में सिम स्वैप और सिम ब्लॉक फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़े हैं। इस तरह के मामलों में अपराधी मोबाइल नंबर पर नियंत्रण हासिल कर बैंकिंग ओटीपी प्राप्त कर लेते हैं और खाते से रकम निकाल लेते हैं।
विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि यदि अचानक मोबाइल नेटवर्क बंद हो जाए, सिम काम करना बंद कर दे या बैंकिंग से जुड़ा कोई संदिग्ध मैसेज आए तो तुरंत मोबाइल सेवा प्रदाता और बैंक से संपर्क करना चाहिए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि साइबर अपराधी अब आम लोगों की भावनाओं और मजबूरियों का फायदा उठा रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों ने पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति जताते हुए प्रशासन से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
यह घटना एक बार फिर साइबर सुरक्षा और डिजिटल बैंकिंग की कमजोरियों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन लेनदेन बढ़ने के साथ लोगों को भी तकनीकी सतर्कता और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।