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जिउतिया से पहले पूर्वी चंपारण में मातम, 11 लोगों की मौत, तालाब में डूबने से दो सगी बहनों की भी गई जान

 

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में जिउतिया पर्व से पहले कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिले में अलग-अलग घटनाओं में 11 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। इनमें आठ लोगों की जान डूबने से हुई है। हादसों के बाद इलाके में मातम का माहौल है। सबसे दर्दनाक घटना उस समय हुई, जब दो सगी बहनें घर के पास स्थित तालाब में स्नान करने गईं और गहरे पानी में डूब गईं। दोनों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।

जानकारी के अनुसार, जिउतिया पर्व को लेकर महिलाएं तैयारियों में जुटी थीं। इसी दौरान पूर्वी चंपारण के अलग-अलग इलाकों में डूबने की घटनाएं सामने आईं। तालाब, नदी और अन्य जलस्रोतों में स्नान के दौरान कई लोग हादसे का शिकार हो गए। इनमें दो सगी बहनों की मौत की घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया।

बताया गया कि दोनों बहनें घर के नजदीक स्थित तालाब में स्नान करने के लिए गई थीं। इसी दौरान दोनों गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जा सका। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। दोनों बहनों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।

जिले में डूबने की अन्य घटनाओं ने भी चिंता बढ़ा दी है। एक ही दिन में आठ लोगों की मौत पानी में डूबने से होने की बात सामने आई है। इसके अलावा तीन अन्य लोगों की मौत अलग-अलग घटनाओं में हुई। हादसों के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से घटनास्थलों की जानकारी जुटाई जा रही है।

जिउतिया पर्व बिहार और पूर्वी भारत के कई इलाकों में महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस अवसर पर महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर व्रत रखती हैं। पर्व से ठीक पहले हुई इन मौतों ने कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल दी हैं।

लगातार हो रही डूबने की घटनाओं के बीच लोगों से जलस्रोतों के पास सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। खासकर तालाब, नदी और गहरे पानी में बच्चों तथा परिवार के सदस्यों को अकेले जाने से रोकने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की ओर से भी लोगों को सुरक्षित तरीके से स्नान करने और गहरे पानी में नहीं जाने को लेकर सतर्क रहने की अपील की गई है।

एक तरफ जहां लोग जिउतिया पर्व की तैयारियों में जुटे थे, वहीं पूर्वी चंपारण में इन हादसों के कारण कई घरों में त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं। दो सगी बहनों की एक साथ मौत ने पूरे परिवार और आसपास के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।